सुविचार 426

खोज का रहस्य है वह देखना, जिसे सब ने देखा है और वह सोचना, जो किसी ने भी नहीं सोचा.

सुविचार 425

हर किसी में जो अच्छी चीजें हैं, उन्हें ग्रहण करो और बुरी चीजों को नजरअंदाज कर वहीँ छोड़ दो.

सुविचार 424

किसी आदमी को अपनी गलती मान लेने में शरम नहीं आनी चाहिए, क्योंकि गलती मान लेना एक तरह से यह कहने के समान है कि वह कल से आज अधिक बुद्धिमान हो गया है.

सुविचार 422

वक्ताओं को भाषण लंबे नहीं लगते और श्रोताओं को वे छोटे नहीं लगते.

सुविचार 421

जंजीरें जंजीरें ही हैं, चाहे वे लोहे की हों या सोने की, वे समान रूप से आपको गुलाम बनाती हैं.
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