सुविचार 365

सभी लोगों के स्वभाव की ही परीछा की जाती है, गुणों की नहीं. सब गुणों की अपेछा स्वभाव ही सिर पर चढ़ा रहता है.

सुविचार 364

जिस तरह पानी अपना स्तर ढूंढ लेता है, आप को भी अपने स्तर व गरिमा के अनुसार औरों से संबंध रखना चाहिए.

सुविचार 363

अगर आपकी जिन्दगी में कोई परेशानी है, तो उसे मन में दबा कर न रखें. यह न सोचें कि किसी को आपकी तकलीफों का पता नहीं चलना चाहिए और सबको लगना चाहिए कि सब कुछ नार्मल है. आप यह जताने में बिल्कुल भी देर न करें कि आपको मदद की जरुरत है. एक दूसरे के सहयोग से ही परेशानियां दूर होती हैं.

सुविचार 361

सत्य का रास्ता कठिन है. इस रास्ते पर हजार चलने की सोचते हैं मगर सौ ही चल पाते हैं. नौ सौ तो सोचकर ही रह जाते हैं और जो सौ चल देते हैं, उनमें केवल दस ही पहुंच पाते हैं. नब्बे तो रास्ते में ही भटक जाते हैं और जो दस पहुंचते हैं, उनमें भी सिर्फ एक ही सत्य को उपलब्ध हो पाता है, नौ फिर भी किनारे पर आकर डूब जाते हैं. तभी तो कहते हैं कि सत्य एक है और याद रखें- सत्य परेशान तो हो सकता है लेकिन पराजित नहीं.

सुविचार 360

 बातचीत सदैव प्रसन्न मुद्रा में करनी चाहिए, उदासी या क्रोध की मुद्रा में नहीं.
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