सुविचार 446

वास्तव में इन्सान जो कुछ किसी में देखता है, वह वह नहीं होता जो वह देख रहा होता है. वह वह होता है जो वह देखना चाहता है.

सुविचार 445

जिसकी प्रसन्नता को संसार की विघ्न बाधाएँ छीन नहीं सके, वही सच्चा अमीर है.

सुविचार 443

मानसिक रूप से मनुष्य के स्वस्थ न होने के कारण ही उसके मन- मस्तिष्क का सन्तुलन बिगड़ता है और उसकी विचार शक्ति नष्ट हो जाती है.

सुविचार 442

जीवन में जितनी रोशनी और सरल मार्गों की आवश्यकता है, उतनी ही आवश्यकता मुश्किलों और कठिनाईयों की भी है.

सुविचार 441

 जो व्यक्ति भीतर सत्य को अनुभव करता है, उस का सारा जीवन सौन्दर्य से, शान्ति से और संगीत से भर जाता है.
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