सुविचार 532
सत्य एक चीड़ फाड़ के समान है, कष्टप्रद है पर मर्ज ठीक करता है. झूठ एक दर्द निवारक के समान है, तुरन्त राहत देता है पर बाद में इसके दुष्परिणाम भी हैं.
जैसे पर्वत शिखरों के बीच से उठती हुई नदियाँ अपने तेज प्रवाह के साथ छोटे- मोटे पत्थरों को भी बहाकर ले जाती है. ऎसे ही आपका उत्साह विघ्न- बाधाओं को पार कर सकता है, अपने उत्साह को कभी ठण्डा मत पड़ने देना, अपने शरीर के रोम- रोम को उत्साह से भरपूर रखिए.