सुविचार 358

घमंड के लिए नहीं, लेकिन कभी – कभी आत्मसम्मान के लिए जिंदगी में कुछ लोगों का साथ छोड़ना पड़ता है.

सुविचार 357

एक चोरी करता है, दूसरा चोरी में मदद करता है और तीसरा चोरी का इरादा करता है, तीनों चोर हैं.

सुविचार 356

जीवन में सफलता के लिए लछ्य निर्धारण बहुत जरुरी है. लछ्य निर्धारित होने के बाद उसके अनुरूप कार्य करने की अनिवार्यता होती है. पूरी प्रतिबद्घता, अनुशासन, संयम, लगातार परिश्रम करने की लगन यदि एक साथ मिल जाए तो हर मंजिल आसान हो जाती है.

सुविचार 355

जब आप ईमानदारी से कुछ चाहतें हैं, तो पूरी कायनात उसको हासिल करने में आपकी मदद करती है.

सुविचार 354

जिन्दगी अच्छे और बुरे पलों से मिल कर बनी है, दोनों का अपना मज़ा है. एक के बिना दूसरा अधूरा है, यही वजह है कि न तो कभी खुशी को सिर पर बिठाओ, न ग़म को दिल से लगाओ.
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