सुविचार 520
मनुष्यता तभी ऊँची उठती है, जब मनुष्य कड़वाहट सुन कर भी मीठी वाणी ही बोले. कड़वाहट का पान करे और मिठास का पान कराए, यही मानवता है.
“क्योंकि;” ”अच्छा दिन खुशियाँ लाता है”..!!!
“और बुरा दिन अनुभव;.”..!!!
“एक सफल जिंदगी के लिए दोनों जरूरी होती है”..!!