सुविचार 463

जितना आप विचारों का मन्थन करेंगे, आपके विचारों में उतनी ही ताजग़ी आएगी.

सुविचार 462

ज़िन्दगी जीने का ये अर्थ नहीं कि आप उदासी के दामन से स्वयं को बाँध लें, जागिए और ज़िन्दगी की एक नई पारी का आगाज़ कीजिए — जिसमे सिर्फ खुशियाँ हों.

सुविचार 461

सच की ताकत से बड़ी कोई ताकत नहीं है. यह ऐसी ताकत है, जो बड़ी गलती या कमी के बाद भी आप के व्यक्तित्व की चमक को न तो कभी कम नहीं होने देती है और न ही आप की लोकप्रियता को. यदि आप सच बोलते हैं, तो आप को कुछ याद रखने की जरुरत नहीं रहती और कभी अपने कथन के समर्थन में सबूत पेश नहीं करने पड़ते. लोग आप को एक सच्चे व्यक्ति के रूप में जानने लगते हैं और आप पर भरोसा करने लगते हैं. सच बोलने वाले लोगों को सभी पसंद करते हैं और उन का सम्मान किया जाता है. इसलिए सच बोलने के गुण को स्वयं में इतना विकसित करें कि लोग आप पर पूरा- पूरा भरोसा कर सकें.

सुविचार 460

ज़िन्दगी को प्रसन्नता और उल्लास समझोगे, तो हर कर्म आपके लिए प्रसन्नता और मस्ती देने वाला बनेगा.

सुविचार 459

जिसके पास ज्ञान की दौलत होती है, वह दुःखी हो ही नहीं सकता और न ही उसे कोई दुःखी कर सकता है.

सुविचार 458

काम करने के लिए छमता एक मानसिक स्थिति है, हम कितना ज्यादा काम कर सकते हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपनी छमताओं के बारे में क्या सोचते हैं, जब आपको सचमुच विश्वास हो जाता है कि आप ज्यादा काम कर सकते हैं, तो आपका दिमाग रचनात्मक तरीके से सोचता है.
यदि आप रोज तारीफ़ के काबिल करने योग्य कार्यों को ढूँढ निकालते हैं तो ऐसे कार्यों को और ज्यादा ढूँढ़ने की आदत विकसित होने लगती है.
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