सुविचार 329

वह सिक्षा किस काम कि, जो दूसरों के शोषण में और अपने स्वार्थ साधन में ही, अपनी चरम सार्थकता समझती हो.

सुविचार – जीवन के 3 अनमोल सूत्र – 328

जीवन के 3 अनमोल सूत्र :- 1. सब को सब कुछ न बताएं..

2. दूसरे की सलाह पर ज्यादा भरोसा ना करें..
3. दिखावे की जिंदगी जीना बंद कर दें..
1.आपको अपने जीवन में जो कुछ भी करना है करो _ मगर उसके विषय में दुनिया वालों को कभी ना बताएं ;
_चाहे जितने अच्छे काम करें, उसे लोगो को बताकर वाहवाही ना लें ;
_चाहे कितनी भी तरक्की कर लो मगर आसपास के लोगों को ज्यादा बताया ना करो और ना ही दिखावे के लिए अधिक धन का खर्च किया करो ;
_ जितना भी आप करो अपने लिए और अपने परिवार को सुखी और संपन्न करने के लिए करो ;
_ जब आप अपनी तरक्की दुनिया को दिखाएंगे तो जल्द ही उसके ऊपर ब्रेक लग जायगा ;
_याद रखना __ छुपकर प्रगति करो_ धीरे -धीरे करो
_ और जब आपको लगे की आप इतने सक्षम हो कि _कोई कुछ भी करे कोई फर्क नही पड़ता है _तब बिना फर्क पड़े जिंदगी जी लो..
2. कभी भी दूसरे व्यक्ति की सलाह पर ज्यादा भरोसा ना करें ; पहले उसकी सलाह सुनें और समझें ;
_ उसे तुरंत अप्लाई करने की आवश्यकता नही है ;
_ कभी कभी दुसरो को सलाह आपके जीवन को बड़ी मुसीबत में डाल सकता है ;
_ याद रखना प्रत्येक दूसरा व्यक्ति _आप को जो सलाह देगा _वो उसने या तो कहीं से सुनी होगी या खुद अनुभव किया होगा ;
_ यदि उसने दूसरे से सुनी है _ तो आपके कोई काम की नही है _और यदि वो उसका अनुभव है तो _वो उसका है _आप का नही ;
_ जीवन में कोई भी कार्य करो _हजारों लोगो से सलाह लो _मगर हमेशा अपने हिसाब से सोच विचार अवश्य करो _और उसके बाद स्वयं की स्थिति समय और कार्य के विषय में पूर्ण आकलन करने के बाद निर्णय लो ;
_सबकी सुनो मगर, अपने मन को स्थिर कर के योग्य परिस्थिति के हिसाब से निर्णय लें..!!
3. दिखावे की जिंदगी जीना बंद कर दो _ आज से ही यदि जीवन में सही में सुखी होना है ;
_ आप के पास महीने के 15000 आते हैं और यदि आप दिखावे के लिए 25000 का खर्च करते हो तो जल्दी ही आप गरीब दुखी और कर्जदार व्यक्ति हो जाओगे ;
_ यदि आप के पास गाड़ी नही है तो _दिखावे के लिए कभी बिना सोचे समझे गाड़ी मत खरीदना ;
_ दुनियादारी और सामाजिक बंधनों के दबाव से जिंदगी की हकीकत से मत भागो ; अवश्य ही कोशिश करो ; मेहनत करो और अपने दम पर कुछ कर के दिखाओ ; _ धनवान लोगों से रेस मत लगाओ ;
_ अपनी जिंदगी में अच्छे काम करो और अच्छे लोगो के साथ उठना बैठना शुरू करो ;
_ अपने आपको ऊपर उठाओ मगर वो सही में होना चाइए ;
_ आज कल आपकी जिंदगी लोगो के कंट्रोल मे हो गई है इसी लिए आप ज्यादा दुखी हो ;
_ आप को बनना तो लेखक था मगर घरवालों ने फोर्स किया और बन गए मैनेजर ;
_ आप को खेती करना अच्छा लगता है मगर फेमिली क्या सोचेगी उसी सोच में बन गए डॉक्टर ;
_ ऐसी दिखावे की जिंदगी आप को कभी खुशी नही दे सकती है ;
_ अपने जीवन को प्राकृतिक रूप से जियो ;
_ जो आप के मन और हृदय को प्रसन्न करता है _”वही जिंदगी जिओ” _और लोगो के विषय में सोचना बंद करो..!!

सुविचार – दूसरों को छोटा जीवन जीने दें, लेकिन आपको नहीं. – 327

दूसरों को छोटा जीवन जीने दें, लेकिन आपको नहीं.

_ दूसरों को छोटी-छोटी बातों पर बहस करने दें, लेकिन आपको नहीं.
_ दूसरों को छोटी-छोटी तकलीफों पर रोने दें, लेकिन आपको नहीं.
_ दूसरों को अपना भविष्य किसी और के हाथों में छोड़ने दें, लेकिन आपको नहीं..
— जानें कि बड़े और छोटे को कैसे अलग किया जाए.
_ बहुत से लोग केवल इसलिए बेहतर नहीं कर पाते,
_ क्योंकि वे छोटी-छोटी बातों में प्रमुखता रखते हैं..

सुविचार 326

केवल सफ़ेद बाल, सिकुड़ी हुई खाल और पोपला मुहं या झुकी हुई कमर किसी को आदर का पात्र नहीं बना देते.

सुविचार – “मैं अकेला नहीं हूँ” – 325

“कोई तो है मेरे भीतर मुझे सँभाले हुए –

_”मेरे भीतर का मौन सहारा ही मुझे हर बेक़रारी में संभाले हुए है”
“मैं अकेला नहीं हूँ—
मेरे भीतर कोई अदृश्य सहारा है।
वही मुझे थामे रखता है,
“कि मैं बेक़रार होकर भी बरक़रार रह पाता हूँ”
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