सुविचार 415

हमें यह समझ होनी चाहिए कि हमने जीवन के अन्धकार को मिटाया है कि नहीं, अपने आपको समझने के लिए कुछ यत्न किया है कि नहीं. क्या हमने शारीरिक व मानसिक पूर्ण रूपेण स्वस्थ हो कर कैसे जीओ — अगर इसके बारे में ज्ञान नहीं है, तो हमारे जीवन में दुःख आने से कोई रोक नहीं सकता.
व्यक्ति के जीवन में जब अज्ञान बढ़ता है, उसे समझ नहीं आता कि मैं क्या करूँ, क्या न करूँ, कहाँ जाऊँ, कहाँ न जाऊँ, मुझे क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, किस चीज की लालसा रखनी चाहिए और किस चीज से दूर रहना चाहिए — अज्ञान में आदमी को कोई समझ नहीं रहती.
जब भी आपके जीवन में अँधेरा हो और आप रास्ता भूल रहे हो, तब आपका ज्ञान ही आपको दिशा निर्देश देगा. 

सुविचार 414

दुनिया में सबसे मुश्किल काम अपना सुधार है और सबसे आसान दूसरों कि नुक्ताचीनी.!!
नुक्ता चीनी करने वाला भीतर स्वयं में खोखला होता है..
_ लेकिन दूसरों को यह दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ता कि वह कुछ खास है.!!

सुविचार 413

जो आसानी से वायदा नहीं करता है, वह उसे पूरी ईमानदारी से निभाता है.

सुविचार 412

इंसान को अपनी औकात भूलने की बीमारी है और कुदरत के पास उसे याद दिलाने की अचूक दवा.

सुविचार 411

हमें ये समझना होगा कि आज दुनिया में जितने भी आविष्कार हुए हैं. जितने भी प्रोडक्ट हम इस्तेमाल कर रहे हैं, किन्ही के दिमाग़ में एक आइडिया आया और उन्होंने उस पर काम शुरू किया. इसलिए वह चीज साकार हो पायी.

सुविचार 410

अधिक से अधिक निर्दोष, कम ज्ञानी और अधिक बालसुलभ बनें ;

_ जीवन को मजे के रूप में लें – क्योंकि यही ठीक है !

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