जीवन अनमोल है………… दुःख, परेशानियां, कष्ट किस के जीवन में नहीं आते. उन सब का निवारण भी हो जाता है बिलकुल वैसे ही, जैसे रात के बाद उजियारे की किरण भोर का एलान कर देती है.
आप कहाँ से कहाँ पहुँच गए, यह तो याद रख लेना. लेकिन जहाँ से चले थे, उसे जरुर याद रखना, आपकी जो प्रारम्भ में असलियत थी. इसका परिणाम यह होगा कि आपका यश और आपकी उन्नति के लिए जो अहंकार मुँह खोले खड़ा है, वह आगे नहीं आएगा.