सुविचार 294

हम सभी के लिए जरुरी है कि जिस तरह हम हर सुबह अपना घर साफ़ करते हैं, अपने शरीर को साफ़ करने के लिए नहाते हैं, ठीक उसी तरह अपने दिमाग को भी रोज साफ़ करें. यह बहुत साधारण- सी बात है. अगर आप घर के कूड़ेदान का कचरा दो- तीन दिन नहीं फेंकते, तो पूरे घर में बदबू फ़ैल जाती है. ठीक उसी तरह अगर आप कुछ दिन पहले कि बात को, किसी के द्वारा किए गए अपमान को, बुरे व्यवहार को अपने दिमाग में जमा करते जायेंगे, तो आपका दिमाग भी बदबूदार हो जाएगा, तो आप ढेर सारे बुरे विचार अपने दिमाग में भर कर रखेंगे, तो जीवन की यात्रा आरामदेह नहीं रह जाएगी. आपको लक्ष्य तक पहुँचने में ज्यादा वक़्त लगेगा.

सुविचार 293

उपलब्धियाँ और आलोचनाएँ एक दूसरे की मित्र हैं, उपलब्धियाँ बढ़ेंगी तो निश्चित ही आपकी आलोचनाएँ भी बढ़ेंगी.

सुविचार 291

वाणी ही मनुष्य का ऐसा आभूषण है, जो अन्य आभूषणों की तरह कभी घिसता नहीं.

 

सुविचार – मेकअप – Makeup – 290

मुझे कुण्टल भर मेकअप पसंद नहीं है.

_ जो इंसान की प्राकृतिक सुन्दरता और मेहनत से कमाया धन..
_ दोनो क्षणिक खूबसूरती के लिए छीन लेता है,
_ घर पर हल्का सा मेकअप भी महिला को खूबसूरत बना सकता है.!
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