सुविचार 288

ज़िन्दगी जीने का नाम है वो भी ख़ुशी से, लेकिन हमें खुद अपने लिए ग़लत और सही का निर्णय करना होगा. 

सुविचार 287

आप कितने भी अच्छे क्यों न हो, _ऐसा कभी नहीं होगा कि आपसे सब खुश हों.!!

सुविचार – Bamboo – 285

Lucky Bamboo के साथ..

_“जो अनावश्यक है, मैं उसे छोड़ रहा हूँ.”
_ “जो सादा है, वही मेरे लिए पर्याप्त है.”
_ “कम में पनपना भी एक कला है.”
_ “सीधा होना ज़रूरी नहीं, जीवित होना ज़रूरी है.”
_ “जो टिकता है, वही सच में बढ़ता है.”
_ “मैं भी थोड़ा-सा बाँस हूँ..- झुकता, पर रुकता नहीं.”
_ यह पौधा यह नहीं सिखाता कि और क्या बनना है,
_ यह याद दिलाता है कि
क्या छोड़ देने से भी जीवन हल्का हो सकता है.!!

सुविचार 284

अगर आपके मन में गड़बड़ है तो, उसको ठीक करने की जिम्मेदारी भी आप ही को उठानी होगी.

सुविचार – Altu-faltu Baatein – आलतु–फालतू बातें – 283

सबसे ज़्यादा altu-faltu बातें वो होती हैं, जो सुनने में ज़रूरी लगती हैं पर ज़िंदगी में कुछ जोड़ती नहीं.

जैसे –
_ लोग क्या कहेंगे — बिना ये देखे कि वो लोग खुद क्या और कैसे जी रहे हैं ?
_ तुलना [Comparison] — किसी और की reel से अपनी real life तौलना.
_ स्टेटस [Status] और image [इमेज ] की चिंता — जबकि अंदर सब बिखरा है.
_ Future का बेकार anxiety — जिस पर हमारा control ही नहीं.
_ Past को बार-बार घूमना — जिससे कुछ सीखा नहीं जा रहा.
_ हर बात पर opinion देना — बिना experience के.
_ Busy दिखना — productive होने के नाम पर.
_ झूठी positivity — जब अंदर सब थका हो.
_ ज़रुरत से ज़्यादा समझना — लोगों को समझना ही नहीं चाहते.
Altu-faltu बात की पहचान simple है :
_ जो आपको ज्यादा शोर दे, पर जरा-सी भी स्पष्टता [clarity] न दे.
_ मेरे जैसे लोग अक्सर इसी शोर से थक जाते हैं..-
_ इसलिए ये कम बोलते हैं, गहरा सोचते हैं, और बेकार बातों से स्वाभाविक [naturally] रूप से दूर हो जाते हैं.!!
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