सुविचार 288 | Oct 16, 2014 | सुविचार ज़िन्दगी जीने का नाम है वो भी ख़ुशी से, लेकिन हमें खुद अपने लिए ग़लत और सही का निर्णय करना होगा.
सुविचार 287 | Oct 16, 2014 | सुविचार आप कितने भी अच्छे क्यों न हो, _ऐसा कभी नहीं होगा कि आपसे सब खुश हों.!!
सुविचार – ‘कोई बदल गया’ – 286 | Oct 16, 2014 | सुविचार ‘कोई बदल गया’ ये सोचने से अच्छा है कि ‘वो क्यों बदला’ इस पर विचार करें.!!
सुविचार – Bamboo – 285 | Oct 13, 2014 | सुविचार Lucky Bamboo के साथ.. _“जो अनावश्यक है, मैं उसे छोड़ रहा हूँ.” _ “जो सादा है, वही मेरे लिए पर्याप्त है.” _ “कम में पनपना भी एक कला है.” _ “सीधा होना ज़रूरी नहीं, जीवित होना ज़रूरी है.” _ “जो टिकता है, वही सच में बढ़ता है.” _ “मैं भी थोड़ा-सा बाँस हूँ..- झुकता, पर रुकता नहीं.” _ यह पौधा यह नहीं सिखाता कि और क्या बनना है, _ यह याद दिलाता है कि क्या छोड़ देने से भी जीवन हल्का हो सकता है.!!
सुविचार 284 | Oct 13, 2014 | सुविचार अगर आपके मन में गड़बड़ है तो, उसको ठीक करने की जिम्मेदारी भी आप ही को उठानी होगी.
सुविचार – Altu-faltu Baatein – आलतु–फालतू बातें – 283 | Oct 12, 2014 | सुविचार सबसे ज़्यादा altu-faltu बातें वो होती हैं, जो सुनने में ज़रूरी लगती हैं पर ज़िंदगी में कुछ जोड़ती नहीं. जैसे – _ लोग क्या कहेंगे — बिना ये देखे कि वो लोग खुद क्या और कैसे जी रहे हैं ? _ तुलना [Comparison] — किसी और की reel से अपनी real life तौलना. _ स्टेटस [Status] और image [इमेज ] की चिंता — जबकि अंदर सब बिखरा है. _ Future का बेकार anxiety — जिस पर हमारा control ही नहीं. _ Past को बार-बार घूमना — जिससे कुछ सीखा नहीं जा रहा. _ हर बात पर opinion देना — बिना experience के. _ Busy दिखना — productive होने के नाम पर. _ झूठी positivity — जब अंदर सब थका हो. _ ज़रुरत से ज़्यादा समझना — लोगों को समझना ही नहीं चाहते. Altu-faltu बात की पहचान simple है : _ जो आपको ज्यादा शोर दे, पर जरा-सी भी स्पष्टता [clarity] न दे. _ मेरे जैसे लोग अक्सर इसी शोर से थक जाते हैं..- _ इसलिए ये कम बोलते हैं, गहरा सोचते हैं, और बेकार बातों से स्वाभाविक [naturally] रूप से दूर हो जाते हैं.!!