सुविचार 361

सत्य का रास्ता कठिन है. इस रास्ते पर हजार चलने की सोचते हैं मगर सौ ही चल पाते हैं. नौ सौ तो सोचकर ही रह जाते हैं और जो सौ चल देते हैं, उनमें केवल दस ही पहुंच पाते हैं. नब्बे तो रास्ते में ही भटक जाते हैं और जो दस पहुंचते हैं, उनमें भी सिर्फ एक ही सत्य को उपलब्ध हो पाता है, नौ फिर भी किनारे पर आकर डूब जाते हैं. तभी तो कहते हैं कि सत्य एक है और याद रखें- सत्य परेशान तो हो सकता है लेकिन पराजित नहीं.

सुविचार 360

 बातचीत सदैव प्रसन्न मुद्रा में करनी चाहिए, उदासी या क्रोध की मुद्रा में नहीं.

सुविचार 358

घमंड के लिए नहीं, लेकिन कभी – कभी आत्मसम्मान के लिए जिंदगी में कुछ लोगों का साथ छोड़ना पड़ता है.

सुविचार 357

एक चोरी करता है, दूसरा चोरी में मदद करता है और तीसरा चोरी का इरादा करता है, तीनों चोर हैं.
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