सुविचार 282 | Oct 4, 2014 | सुविचार जो सब से ज्यादा व्यस्त है वह ही सब से अधिक समय निकाल सकता है. सुस्त व कामचोर ही हमेशा समय की कमी का रोना रोते रहते हैं.
सुविचार 281 | Oct 4, 2014 | सुविचार समय और परिश्रम मनुष्य के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं. परिश्रम से भूख तेज होती है और संयम अतिभोग को रोकता है.
सुविचार – अनजाने लोग – 280 | Oct 4, 2014 | सुविचार और यही तो सोचने वाली बात है, कि कैसे कुछ लोग यूँ ही टकरा जाते हैं और ख़ास हो जाते हैं.!! सार्थक संबंध बनाएं : ऐसे लोग जो आपकी आत्मा को सांस लेने में मदद करें, न कि केवल आपके अहंकार को हंसाएं और बकवास करें.!! कभी-कभी जीवन में ऐसा भी होता है कि कोई इंसान वर्षों तक हमारी दुनिया से अनजान और गुम सा रहता है, और फिर एक दिन अचानक हमारे सामने आ खड़ा होता है, _ हैरानी की बात यह होती है कि हम उसे पहले से नहीं जानते, फिर भी उसके आने से एक अजीब-सी परिचित अनुभूति महसूस होने लगती है…!
सुविचार 279 | Oct 4, 2014 | सुविचार द्वेष रखने वाला, मर्म स्थान पर प्रहार करने वाला, कठोर वाणी बोलने वाला, विरोध रखने वाला तथा धूर्त, बुरे कर्म करता हुआ शीघ्र ही बड़ी विपत्तियों में घिर जाता है.
सुविचार – अदृश्य शक्ति – 277 | Oct 4, 2014 | सुविचार इस बात पर आश्चर्य होता है कि कई बार कोई काम मैं सोचूं.. _ और वह काम मेरे करने से पहले ही अपने आप हो जाता है.!! इंसान के जीवन में ना जाने कौन सी अदृश्य शक्ति काम करती है, _ जिसके कारण जो बात हम कभी सोचते तक नहीं.. वही हो जाता है. _ और जो सोचते है वह उम्र बीत जाती है और पूरी नहीं होती, _ ऐसा जान पड़ता है कि व्यक्ति का सारा जीवन किसी ने पहले से लिख कर रखा है और सब कुछ उसी पर चल रहा.!!