सुविचार 246

जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इनसान सबक ले ले तो वह ठोकर, ठोकर नहीं. वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.

सुविचार – तुझे क्या मिला ? – 245

तुझे क्या मिला ?

_ क्या तू सच में जीता.
_ अच्छा होता कि तू हार जाता.
_ तू तो जीत कर भी हारा ही है.
_ दुनिया में जो जीता वह भी हारा.
_ जो हारा वह तो हारा ही.
_ तूने क्या पाया ?
_ क्या करेगा इस जीत का.
_ किसको दिखायेगा, बताएगा.
_ खुशियाँ क्या मना पायेगा तू.
_ केवल बचा है तू और बना है सन्नाटे का बादसाह.
_ अपनी जीत के साथ अकेला खड़ा है.
_ तू जीता नहीं, हारा है.
_ तुझे क्या मिला ?

सुविचार 244

जो आदमी यह समझता है कि हर बात तुरंत उस की समझ में आ जाती है, वह कुछ भी नहीं सीख सकता.

 

सुविचार – मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें.. – 243

मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें..

_ क्योंकि मुझे लगता है कि यह कसक, यह इंतज़ार यही तो हमारी पहचान है..
_ मुलाक़ात हो जाएगी तो शायद यह बेचैनी ख़त्म हो जाएगी, और मुझे डर है कि फिर दिल इतनी शिद्दत से तुम्हें पुकारना छोड़ देगा..
_ कुछ रिश्ते पूरे नहीं होते, फिर भी अधूरे रहकर ज़्यादा खूबसूरत लगते हैं..
_ शायद हमारा रिश्ता भी वैसा ही है..
_ जहाँ मिलने की ख्वाहिश से ज़्यादा ना मिलने की कसक, दिल में हमेशा ज़िंदा रहनी चाहिए…!

सुविचार 242

जब मन सजग, सहज और रचनात्मक रहेगा, तो आपको हर परिस्थिति का समाधान नज़र आएगा.

सुविचार 241

कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए प्रसन्न नहीं दिखाई देता कि उसे कोई परेशानी नहीं है, बल्कि इसलिए प्रसन्न रहता है कि उसका जीने का दृष्टिकोण सकारात्मक है.
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