सुविचार 246 | Sep 8, 2014 | सुविचार जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इनसान सबक ले ले तो वह ठोकर, ठोकर नहीं. वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.
सुविचार – तुझे क्या मिला ? – 245 | Sep 4, 2014 | सुविचार तुझे क्या मिला ? _ क्या तू सच में जीता. _ अच्छा होता कि तू हार जाता. _ तू तो जीत कर भी हारा ही है. _ दुनिया में जो जीता वह भी हारा. _ जो हारा वह तो हारा ही. _ तूने क्या पाया ? _ क्या करेगा इस जीत का. _ किसको दिखायेगा, बताएगा. _ खुशियाँ क्या मना पायेगा तू. _ केवल बचा है तू और बना है सन्नाटे का बादसाह. _ अपनी जीत के साथ अकेला खड़ा है. _ तू जीता नहीं, हारा है. _ तुझे क्या मिला ?
सुविचार 244 | Sep 4, 2014 | सुविचार जो आदमी यह समझता है कि हर बात तुरंत उस की समझ में आ जाती है, वह कुछ भी नहीं सीख सकता.
सुविचार – मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें.. – 243 | Sep 4, 2014 | सुविचार मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें.. _ क्योंकि मुझे लगता है कि यह कसक, यह इंतज़ार यही तो हमारी पहचान है.. _ मुलाक़ात हो जाएगी तो शायद यह बेचैनी ख़त्म हो जाएगी, और मुझे डर है कि फिर दिल इतनी शिद्दत से तुम्हें पुकारना छोड़ देगा.. _ कुछ रिश्ते पूरे नहीं होते, फिर भी अधूरे रहकर ज़्यादा खूबसूरत लगते हैं.. _ शायद हमारा रिश्ता भी वैसा ही है.. _ जहाँ मिलने की ख्वाहिश से ज़्यादा ना मिलने की कसक, दिल में हमेशा ज़िंदा रहनी चाहिए…!
सुविचार 242 | Aug 26, 2014 | सुविचार जब मन सजग, सहज और रचनात्मक रहेगा, तो आपको हर परिस्थिति का समाधान नज़र आएगा.
सुविचार 241 | Aug 25, 2014 | सुविचार कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए प्रसन्न नहीं दिखाई देता कि उसे कोई परेशानी नहीं है, बल्कि इसलिए प्रसन्न रहता है कि उसका जीने का दृष्टिकोण सकारात्मक है.