ज्ञान के द्वारा हमारे अन्तर मन में ऐसी जागृति आती है कि हम समस्याओं में उलझें ही नहीं और अगर कोई समस्या सामने आ भी जाए, तो उसका आसानी से समाधान कर लें.
मन के भटकाव से आपका कार्य भी अस्त- व्यस्त हो जाएगा और जीवन भी अस्त- व्यस्त रहेगा, क्योंकि भटकते हुए मन का स्वभाव है कि मनोनुकूल होने पर वह खुशियाँ मनाता है और प्रतिकूल होने पर दुःखी रहता है.