सुविचार – सामने वाले को बदल डालो..- 240

एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा

8 रोने लगा…
पूछा मुझे क्यों मारा..?
9 बोला…
मैं बड़ा हु इसीलए मारा..
सुनते ही 8 ने 7 को मारा
और 9 वाली बात दोहरा दी
7 ने 6 को..
6 ने 5 को..
5 ने 4 को..
4 ने 3 को..
3 ने 2 को..
2 ने 1 को..
अब 1 किसको मारे
1 के निचे तो 0 था !
1 ने उसे मारा नहीं
बल्कि प्यार से उठाया
और उसे अपनी बगल में
बैठा लिया
जैसे ही बैठाया…
उसकी ताक़त 10 हो गयी..!
और 9 की हालत खराब हो गई.
जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास…क्या फर्क पड़ता हैं,
“अनमोल रिश्तों”
का तो बस “एहसास” ही काफी हैं !
बहुत ही खूबसूरत लाईनें..
किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!
डरिये वक़्त की मार से,
बुरा वक़्त किसीको बताकर नही आता..!
अकल कितनी भी तेज ह़ो,
नसीब के बिना नही जीत सकती..
बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,
कभी बादशाह नही बन सका…!!”
“ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो,
ना ही तुम अपने कंधे पर सर
रखकर रो सकते हो !
एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है! इसलिये वक़्त उन्हें दो जो
तुम्हे चाहते हों दिल से!
: शानदार बात
बदला लेने में क्या मजा है
मजा तो तब है जब तुम
सामने वाले को बदल डालो..

सुविचार – आसान नहीं है.. किसी को भीतर से जगाना.!! – 239

कोई भी जागना नहीं चाहता.. अगर कोई आपको गहरी नींद से जगाने की कोशिश करे, तो आप पहले तो जागना ही नहीं चाहेंगे..

_ फिर भी, अगर कोई आपको जगाए, तो आप उसकी गर्दन पकड़ लेंगे.
_ आसान नहीं है- किसी को भीतर से जगाना.!!

सुविचार 238

क्या जीवन सिर्फ काम, धन और सामाजिक मान्यता तक सीमित होना चाहिए ?

_ नहीं, जीवन सिर्फ काम, धन और सामाजिक मान्यता तक सीमित नहीं होना चाहिए.
_ ये सब साधन हैं — जीवन का सार नहीं.
_ सच्चा जीवन तब शुरू होता है जब आप भीतर के अर्थ को महसूस करना शुरू करते हैं —
जब आप यह पूछते हैं कि “मैं क्यों जी रहा हूँ ?”
_ जब आप प्रेम, शांति, सृजन, और आत्मिक संतुलन की दिशा में बढ़ते हैं.
_ धन और मान्यता बाहर की दुनिया में सम्मान दिला सकते हैं,
_ पर संतोष, सुकून और गहराई भीतर के जीवन से ही आती है.!!
जीवन को सहज और सरल बनाओ. बनावटीपन अपने अन्दर मत आने दो,

_ क्योंकि दिखावे से ही अशान्ति पैदा होती है और इन सबसे बचकर चलने से आनन्द आता है.!!

सुविचार – सुविधा, Facility – 237

**हमें सुविधाएं तो सारी चाहिये.
_ लेकिन न तो उसकी तैयारी करते हैं न कुछ सोचते हैं.!!
**’सुविधा बदलती है’, लेकिन समझदार वही है, जो हर साधन को जीवन के अनुकूल बना ले.
**सुविधा (Facility)

_ आज का इंसान सुविधा से घिरा हुआ है…
_ हर काम आसान हो गया है…
_ लेकिन अजीब बात यह है कि
_ जीवन उतना ही उलझता जा रहा है.
👉 पहले लोग कम में भी संतुष्ट थे.
👉 आज सब कुछ होते हुए भी कमी महसूस होती है.
_ क्यों ?
_ क्योंकि
_ सुविधा बाहर बढ़ी है…
_ लेकिन अंदर की स्थिरता कम हो गई है.
_ हम जीवन को आसान बनाने के चक्कर में, उसे गहरा जीना भूल गए हैं.
👉 हर चीज instant चाहिए.
👉 हर feeling जल्दी बदलनी है.
👉 हर discomfort से भागना है.
लेकिन सच यह है –
_ जो चीजें हमें grow करती हैं… वो अक्सर uncomfortable होती हैं.
– सुविधा धीरे-धीरे हमें कमजोर बना देती है.
👉 patience कम हो जाता है.
👉 सहने की क्षमता घट जाती है.
👉 छोटी-छोटी बातों में disturb होने लगते हैं.
🌱– सही balance क्या है ?
_ सुविधा गलत नहीं है…
_ लेकिन उस पर depend हो जाना गलत है.
👉 सुविधा का use करो..
👉 लेकिन खुद को उसके बिना भी capable रखो.
🌿 Final truth
_ “सुविधा जीवन को आसान बना सकती है… लेकिन मजबूत नहीं बनाती”
देखें “क्या मैं सुविधा का उपयोग कर रहा हूँ… या सुविधा मुझे चला रही है ?”

सुविचार – CRISIS OF COOKING CYLINDER – 236

CRISIS OF COOKING CYLINDER

जैसे ही घर में गैस सिलेंडर खत्म होने की सूचना मिलती है,
घर का वातावरण अचानक आपातकाल जैसा हो जाता है.
_ सबसे पहला सवाल उठता है – अब खाना कैसे बनेगा ?
_ मानो प्रकृति ने खाने के लिए सिर्फ गैस का चूल्हा ही बनाया हो.
_ थोड़ा ठहरकर सोचिए..
_ कुछ दिन कम व्यंजन भी बन सकते हैं.
_ अगर कभी गैस सिलेंडर की समस्या आ जाए तो थोड़ा सरल और धैर्यपूर्ण जीवन अपनाकर कुछ दिन आराम से निकाले जा सकते हैं.
कुछ और तरीके भी काम आ सकते हैं:
1. एक समय का भोजन सरल रखें.
_ दिन में एक बार पका हुआ साधारण खाना और एक समय हल्का भोजन (फल, सलाद, अंकुरित) लिया जा सकता है.
2. अंकुरित अनाज और फल सब्जी का उपयोग.
_ चना, मूंग, मूंगफली को भिगोकर अंकुरित कर लें.
_ यह पौष्टिक भी होता है और पकाने की जरूरत भी नहीं पड़ती.
_ फल हैं, गाजर, खीरा, टमाटर, चुकंदर, पत्तागोभी – कितनी चीजें हैं जो कच्ची भी खाई जा सकती हैं.
_ गाजर, खीरा, टमाटर, चुकन्दर, प्याज पत्तागोभी गोभी..- तमाम तरह का रायता बनाकर कर खा सकते हैं.
_ दही, दूध, शरबत – इनसे भी पेट को थोड़ा आराम मिल जाता है.
_ प्रकृति ने इतना कुछ दिया है कि बिना गैस के भी कुछ दिन गुजारा हो सकता है.
3. पहले से बने खाने का उपयोग.
_ कई चीजें पहले से बनाकर कुछ दिन चल सकती हैं : भुना चना, सत्तू, मुरमुरा / चिवड़ा, सूखे मेवे – इनसे हल्का भोजन हो सकता है.
4. वैकल्पिक छोटे साधन.
_ अगर ज़रूरत हो तो कुछ लोग अस्थायी रूप से उपयोग करते हैं :
_ इलेक्ट्रिक केतली (पानी, दलिया, ओट्स)
_ इंडक्शन चूल्हा
_ छोटा सोलर कुकर
_ मिट्टी का चूल्हा / सिगड़ी (जहाँ संभव हो)
5. भोजन की मात्रा कम और सरल रखें.
_ जब संसाधन कम हों तो शरीर को भी थोड़ा हल्का भोजन देना अच्छा होता है.
_ कभी-कभी यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो जाता है.
6. पड़ोस और साझेदारी.
_ पहले समाज में लोग एक-दूसरे से गैस या खाना साझा कर लेते थे.
_ यह परंपरा अभी भी कई जगह काम करती है.
ज़रा याद कीजिए – जब आग का आविष्कार नहीं हुआ था,
तब भी मनुष्य जीवन जी ही रहा था.
_ असल समस्या गैस की नहीं है, समस्या यह है कि..
“हम सभ्य और समझदार होते गये और धैर्य और विवेक खोते गये”
_ “समस्या अक्सर साधनों की नहीं होती, समस्या तब होती है जब धैर्य कम पड़ जाता है”

सुविचार – कुछ ज़रूरी बातें – 235

🙏 *10 वर्षों में अधिकतम घरों की अर्थिक स्थिति बिगड़ने के प्रमुख कारण…* 🙏

*1. घर मे प्रत्येक सदस्य के पास स्मार्ट फोन, एवं प्रति वर्ष नया लाना।*

*2. जन्म दिन, मैरिज एनीवर्सरी में दिखावटी खर्चे।*

*3. जीवन शैली में बदलाव के कारण खर्चों का बेतहाशा बढ़ना।*

*4. बच्चों के स्कूल, ट्यूशन आदि शिक्षण खर्चों में वृद्धि।*

*5. व्यक्तिगत खर्चे, ब्यूटी पार्लर, सेलून, ब्रांडेड कपड़ा, पार्टी, गेट टूगेदर आदि।*

*6. सगाई, शादी आदि में प्रतिष्ठा की भूख के कारण होने वाले खर्चे।*

*7. लोन पर दिया जाने वाला ब्याज।*

*8. मेडिकल खर्चों में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी। कारण गलत खान पान।*

*इस तरह के बिना जरूरत के खर्चो के अनुरूप कमाई बढ़ नही रही है। परिणाम, तनाव तनाव तनाव।*

🌿🌷🌺🍀💐🍃🌹🌱

*व्यापार आर्थिक मंदी में आगे कैसे बढ़े

*Government के आंकडे चाहे कुछ भी कहे, ये सच है की भारत मे आर्थिक मंदी शुरू हो चुकी हैं और ये सबसे बड़ी और सबसे लंबी चलने वाली मंदी हो सकती हैं .* *इससे बाहर निकलने के लिये हमे कड़े संघर्ष की ज़रूरत पड़नी ही है .*

*कुछ ज़रूरी बातें और कदम जिससे मंदी की मार कम की जा सकती हैं .*

*1) अपने खर्चे पर लगाम लगाये. चाहे व्यापार मे हो या व्यक्तिगत जीवन मे, फ़िज़ूल खर्च से बचे. बिना कारण यात्रा, trip या व्यापार के अनआवश्यक खर्च टाले .*

*2) किसी भी customer या client के बड़े order को double check करे. क्या वो भुगतान मे सक्षम है, इस समय आप सिर्फ़ वही order ले जो firm रह सकते हैं. outstanding आपका Budget बिगाड़ सकते हैं .*

*3) अपनी क्षमता के अनुसार ही काम या booking ले .*

*4) अपने stock का निरंतर जायज़ा ले और क्षमता और order के हिसाब से ही stock करे*

*5) व्यापार पर कडी और दैनिक नज़र रखे*

*6) After Sales Service पे ज़्यादा ध्यान दे, Regular Customer इस समय की सबसे बड़ी ताक़त रहेगी*

*7) भुगतान के लिए प्यार से और निरंतर call करते रहे*

*8) बेवजह की कानूनी झंझटो से खुद को दूर रखे. ये समय और पैसे की सबसे बड़ी बर्बादी हैं*

*9) अपने व्यापार के नियम और सिद्धांतो पे कायम रहे .*

*10) अपने परिवार के लिए कमाये और बचत करे .*

*11) शादियो और सामाजिक कार्यक्रमों पे कम खर्च करे. आगे और मौके आयेंगे, तब हम अपनी शान और मान दिखा सकते हैं, अभी टिक के खेलने का समय हैं .*

*12) सबसे मधुर सम्बन्ध बनाये रखें. कौन जाने आपके अच्छे व्यव्हार से आप को कौन Reference दे जाए .*

*13) अपने Products, व्यापार, Services, Market की Expertise निरंतर बढाते रहे.*

*14) Positive लोगों मे रहे. Negative लोगों से बचे. हमेशा मन को शान्त और संतुलित रखने पर ज़ोर दे .*

*15)अपने शरीर और मन को भरपूर समय दे. Exercise करे, अच्छा भोजन ग्रहण करे, अच्छी दिनचर्या follow करे. Medical के bills कम से कम करते जाये. ये बचत आप के बहोत काम आयेगी. अपनी Family के साथ Quality Time बिताये. आखिर इन्ही के लिये तो सब कुछ कर रहे हैं.* *एक वाजिब मार्जिन से काम करे कंपटीशन में सेल करके कोई इनाम नही मिलेगा*

*🙏बिना जरूरत के खर्चे कम करे। जरूरत रोटी, कपड़ा, मकान की थी, है, और रहेंगी। इच्छाएं अनन्त है।*

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