सुविचार 382

लोगों को आप हमेशा खुश नहीं रख सकते हैं.

_ आप हमेशा उनके मुताबिक नहीं चल सकते.
_ यदि आप ऎसा करने की कोशिश करेंगे, तो कहीं न कहीं खुद के साथ अन्याय करेंगे.
_ सोचिए, हम उन लोगों के नाराज होने से क्यों डरें, जिनकी राय पल भर में हमारे प्रति बदल जाती है.
_ जो कल हमें विनम्र, प्यारा, अच्छा इन्सान कह रहे थे, वह हमें अचानक अभिमानी, गुस्सैल, अहंकारी कहने लगें.
_ आप केवल उन्हें ही अपना मानें, जो आपके ‘ ना ‘ कहने के बावजूद भी आपसे प्यार करे.
_ आपकी ‘ना’ कहने की बजह को समझे.
_ इसलिए दूसरों से सम्मान पाने के लिए अपनी खुशियों का गला न घोटें.!!
कई अहंकारी लोग समझते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है, और जितना उन्हें पता है, उससे आगे वे जानना नहीं चाहते.

_ ऐसी सोच के बाद उनकी ज़िन्दगी रुक जाती है और वे ठहरे हुए जल की भाँति सड़ाँध मारने लगते हैं.
_ स्वभाव में Flexibility लचीलापन न होने के कारण वे अधिक लोगों द्वारा पसंद नहीं किए जाते.
_ वे केवल स्वपूजा में लीन रहते हैं और अपने इर्द-गिर्द चाटुकार किस्म के लोगों को रखना पसंद करते हैं.
_ ऐसे लोगों की पहचान करके उनसे बचना ज़रूरी है वरना हमारी ज़िन्दगी उनकी चाटुकारिता में निकल जाएगी और हम सड़ाँध बन कर रह जाएंगे.!!
– Manika Mohini

सुविचार 381

दार्शनिक का अर्थ सिर्फ सूछ्म विचारक होना नहीं, बल्कि यह है कि हम ज्ञान के रास्तों पर चलते हुए विश्वास, सादगी और उदारता का जीवन व्यतीत करें.

सुविचार 380

गुरु वही श्रेष्ठ है जिसकी प्रेरणा से किसी का चरित्र बदल जाये और मित्र वही श्रेष्ठ है जिसकी संगत से रंगत बदल जाये.

सुविचार 379

अच्छे लोगों का स्वभाव गिनती के शुन्य जैसा होता है. वैसे तो उनकी कोई कीमत नहीं होती, लेकिन शुन्य जिसके साथ होता है, उसकी कीमत बढ़ जाती है.

सुविचार 378

 दूसरों की खूबियों को देख कर जलना बन्द करें. आपके पास जो है, उसी में संतोष करना सीखें, वरना आप हमेशा दुखी रहेंगे.

सुविचार 377

मानव जीवन धूल की तरह होता है, हम इसे रो- धोकर कीचड़ बना देते हैं- बकुल वैद्य
जीवन से कभी हतोत्साहित न हों. यह वैसा ही है जैसा आपने इसे बनाना चाहा.- रिचर्ड एल इवांस
जीवन उलझा हुआ नहीं है, हम उलझे हुए हैं. सादगी से जीना ही असली जीवन है. – ऑस्कर वाइल्ड
वही सफल है जो सुबह उठता है और रात को बिस्तर पर जाता है और इस बीच वही करता है, जो वह करना चाहता है. – बौब डिलन
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