सुविचार 388

जब आप किसी को बुरा कहते हैं, तो वह उसे कष्ट पहुँचाने के लिए होता है,

_ पर बाद में वे आपको ही कष्ट पहुँचाते हैं.

जीवन ने मुझे जो दिया है उसके साथ मैं धन्य हूं.

_ सर उठा के जीता हूँ पारदर्शिता में गर्व, शिकायतें ढूँढना.

_ कई जगहों पर अपूर्णता लेकिन कोई पछतावा नहीं.

_ और शायद इस अपूर्णता में मैं खुद को बार-बार पाता हूँ.!!

सुविचार 387

हर रोज नींद से उठने के बाद आपके पास अगर करने जैसा काम होगा तो आपका जिंदगी से कभी झगडा नहीं होगा.

सुविचार 383

सफलता हमेशा के लिए नहीं होती, असफलता कभी घातक नहीं होती. यह तो किसी काम में लगे रहने की प्रवृत्ति है जो सचमुच में मायने रखती है.
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