सुविचार 302

 तकदीरे बदल जाती है.. जब जिंदगी जीने का कोई मकसद हो…वर्ना जिंदगी कट जाती हे… “तक़दीर” को इल्जाम देते देते…

सुविचार 301

इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं..

_ लेकिन, कहां क्या बोलना है, यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है.

साथ उसी का दो जिसे तुम्हारी ज़रूरत हो, ना कि उसका जो तुम्हें नज़रअंदाज़ करता हो.

_ मुश्किल वक्त में मदद का ढोंग करने वाले हमेशा आपकी गिरावट पर खुश होते है.. उन्हें समझना जरूरी है.
_भले ही बाज़ी हार जाएं.. पर दूसरों की पीठ में छुरा घोंप कर जीतने का हुनर हमें नहीं आता.
_ घर में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनों की अहमियत को मत भूलो क्योंकि बाहर की दुनिया में तुम्हें संभालने वाला कोई नहीं होगा.
_ स्वास्थ्य सबसे बड़ा सहारा है.. इसके बिना इंसान अपने रिश्तों के लिए भी भार बन जाता है.
_ अब चीज़ें पहले जैसी साफ़ नहीं दिखतीं.. पर लोग पहले से कहीं ज़्यादा साफ़ नज़र आने लगे हैं.
_ बुढ़ापा तो बस हड्डियाँ कमजोर करता है, औलाद का बेरुखा रवैया तो दिल तक को चूर-चूर कर देता है.
_ माँ-बाप सब सह लेते हैं, लेकिन जब उनकी अपनी औलाद उन्हें बोझ समझने लगे, तब उनकी आंखें नहीं.. रूह भी भीग जाती है.
_ किसी का हक छीनकर मिली खुशी कभी टिकती नहीं, वक्त सबका हिसाब चुपचाप लेता है.
_ जब सब कुछ खत्म होता दिखे, तब याद रखना कि हर रात के बाद सवेरा जरूर आता है.
_ जो रिश्ते दुख की घड़ी में साथ ना दें, उनका साथ सुख की घड़ी में भी केवल एक दिखावा होता है.
_ पैसा बड़ी से बड़ी सुविधा दे सकता है, पर जीवन नहीं लौटा सकता.
_ मन अशांत हो तो इंसान को सबसे ज़्यादा अकेलापन अपने घर में ही महसूस होता है.
_ घर केवल चार दिवारी का नाम नहीं, वहां रहने वाले और उसे बनाने वाले दोनों अगर ग़लत हों, तो वो दीवारें भी बोझ बन जाती हैं.
_ जब जरूरत खत्म हो जाती है, तब बहुत से लोग उसी सहारे को भुला देते हैं जिसने सबसे मुश्किल वक्त में उनका साथ निभाया था.
_ हम चाहे जितने भी मॉडर्न हो जाएं.. लेकिन खाना हमें तब ही मिलेगा जब कोई किसान खेत में मेहनत करेगा.
_ जब आप किसी गलत व्यक्ति को इज्जत देते हैं.. तो वह उसे आदर नहीं, अधिकार समझ लेता है.
_ आप किसके साथ हो, ये बहुत मायने रखता है.. सुनार की दुकान का कचरा भी बादाम से महंगा बिकता है.
_ उधार केवल धन का नहीं होता, भरोसे का भी होता है और जब वो लौटता नहीं, तो सिर्फ़ जेब नहीं.. रिश्ते भी खाली हो जाते हैं.
_ ईमानदारी का असली मूल्य तब समझ आता है.. जब इंसान के पास धोखा देने का अवसर हो, फिर भी वो सही राह चुनता है.
_ खुश रहो मगर ‘स्टेटस’ मत डालो.. वरना किसी की नजर लगने में टाइम नहीं लगता.
_ अगर भगवान ने आपसे वो ले लिया है, जिसे आप कभी खोना नहीं चाहते थे तो वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसकी आपने कभी उम्मीद नहीं की होगी.
_ गलतियां इंसान से होती हैं.. पर गलतफहमियां, तब होती हैं जब हम आंखें मूंद कर, अपने कानों पर विश्वास कर लेते हैं.
__ गुजरा वक्त वापस नहीं आता और पैसे से तो बिल्कुल भी नहीं.
_ हर जानकारी सबको नहीं दी जाती क्योंकि हर कोई उसे समझने या संभालने के लायक नहीं होता.
_ सच कभी-कभी चुभता है, लेकिन झूठ वो ज़हर है जो धीरे-धीरे रिश्तों को मार देता है.
_ फर्जी लोगों की भीड़ से बेहतर है अकेले चलना क्योंकि वहां कम से कम सच्ची खुशी तो मिलेगी.
_ भीड़ में अच्छाई ढूंढोगे ? अरे भाई! अच्छे लोग तो भीड़ में टिक ही नहीं पाते.
_ जिस काम से तुम्हारे घर पर चूल्हा जलता है, उस पर शर्म कैसी ? मेहनत की कमाई हमेशा सबसे प्यारी होती है.
_ दौलत के आंकड़े बढ़ाने से ज्यादा ज़रूरी है, अपने कर्मों की किताब को साफ रखना.
_ समय खराब हो तो चिल्लाने से क्या होगा ? बेहतर है दिल को समझा लो, वरना तमाशा खुद का ही बनेगा.
_ 100 अच्छे कामों को भुला देती है एक गलती और यही सबसे बड़ी नाइंसाफी है.
_ दूसरों का सहारा बनने वाले लोग मजबूत होते हैं, शायद इसलिए खुद के दर्द में भी वो अकेले मुस्कुरा लेते हैं.
_ तुम्हारे बोले हुए शब्द लौटकर नहीं आते, इसलिए उन्हें परोसने से पहले ज़रूर चख लेना चाहिए.
_ गलती सुधारी जा सकती है, पर ग़लतफ़हमी अगर बन गई तो बहुत कुछ बिगाड़ सकती है.

सुविचार 300

चिरस्थायी और सच्चे फल पाने हों तो हमें पहले निडर बनना होगा.

– आज कल लोगों को थोड़ा अपना क्या बना लो,, लोग आपको हल्के में लेने लग जाते हैं..
– लिखना और सोचना वह गुण है जो कि _ संसार के बहुत कम लोगों में पाया जाता है..
– जो इंसान खुद को खुद से मोटिवेट करना जानता हो, _ समझो वो इंसान _ अपने जीवन में कुछ भी कर सकता है.
– ज़िंदगी गुज़ारने का यह ढंग ज़्यादातर लोग अपनाया करते हैं, पहले ज़िंदगी को खुद ही उलझाते हैं,
_ फिर खुद की ही पीठ थपथपाते हैं, _ सुलझाते हुए..
— मेरे पास कोई उपाय नहीं है; मुझे लोगों को_ _वैसे ही स्वीकार करना पड़ेगा _” जैसे वे हैं “
उन लोगों के लिए जो मेरे जीवन को सुंदर बनाते हैं, मेरी मुस्कान के पीछे के वो लोग, मैं आप लोगों को शुभकामनाएं देता हूं और मैं आप लोगों को ढेर सारा प्यार भेजता हूं.
To the people who make my life beautiful, the people behind my smile, I wish you all the best and I send you lots of love.

सुविचार – बस यूँ ही… – 299

बस यूँ ही…

कोई जब मुझसे पूछे,
कैसे हो ?
तो मेरे “मैं ठीक हूँ” कहने पर,
तुम्हारा प्रश्न होता सच बताओ,
कई “बार मैं ठीक हूँ” कहने पर भी,
सबकुछ ठीक नही होता,
बहुत सारी बातें और उलझने सिमटी होती हैं,
एक छोटे से दिमाग और दिल में,
कई बार मन उकता चुका होता है,
इस दुनिया से लोगों से यहाँ तक कि अपने आप से भी,
उस समय केवल मौन और एकान्त ही भाता है,
शोर आपको चिड़चिड़ा बना देता है,
कभी – कभी खिलखिला कर हँसते हुए,
मन करता है कोई मुझसे पूछ लें,
तुम उदास क्यों हो ?
कई बार उदासी इतनी बेकाबू हो जाती है,
कि वो बाहर निकलते निकलते हँसी बन जाती है,
वो हँसी इतनी तेज होती है कि,
स्वयं के कान भी बहरे हो जाते हैं,
और जब मैं हँस रहा होता हूँ ठहाकों के साथ,
तभी काश ! तुम साथ होते तो कहते,
“सुनो ! तुम उदास क्यों हो ?”
©️ रत्नेश अवस्थी

सुविचार – Yu hi – बस यूँ ही – 298

वे इसे “बदलाव” कहते हैं। 🌟👀

पर यह बदलाव नहीं—clarity है।
उनके अनुसार–🤔
मुझमें पहले जैसा passion नहीं है।
मेरी priorities बदल गई हैं,
मेरे reactions भी।
पर सच तो यह है—😐
मैंने खुद को बदला नहीं है,
बस भीतर का Clutter साफ़ किया है। 🧹
कुछ पुराने belief छोड़े, 🙏
कुछ बेकार की Anxiety कम की 🤯
कुछ रिश्तों की धूल झाड़ी,
कुछ पुरानी बातों का बोझ।
✓जब भीतर जगह बनती है– 🔓
✓तो कुछ नया आने लगता है।
अब मन में ज्यादा free space है। 🌊
पुरानी बातें कम अटकती हैं, 🔙
नई सोच आसानी से साँस लेती है।
तो क्या मैं बदल गया हूँ? ❓🤔
✓हाँ—
पर उस तरह नहीं❌
जैसे कोई पेड़ अपनी जड़ें बदल दे।
मैं तो बदला हूँ–
वैसे जैसे किसी पतझड़ के बाद
नए पत्ते आते हैं—☘️🌿
पेड़ तो वही रहता है– 🌴
बस हरियाली नई हो जाती है।
~ Yu hi | बस यूँ ही
हम सब स्वभाव से ही planner हैं।

स्कूल ।करियर ।शादी ।बिज़नेस ।
फिटनेस । पैसों की सेविंग…
वो plan हमे तो perfect लगते हैं।
हम सब कुछ assume करते हैं।🤔
सोचते हैं—अगर ये करूँगा, तो ऐसा होगा।
Life अक्सर गलत साबित करती है?
कभी अचानक बीमारी आ जाती है,
आर्थिक संकट, रिश्तों में धोखा।😞
कभी बस समय ही दिशा बदल देता है।
और सच यह भी है—✔️
सबका अपना एक प्लान होता है।
दो प्लान crash होंगे तो एक टूटेगा।
प्लान ज़रूरी है–इसे flexible रखो।
Backup–👊
1st फेल तो 2nd या फिर 3rd।
प्लान बनाओ, ‘What if’ पर भी सोचो।
क्योंकि जीवन एक Ring ही है—🧿
जीतेगा वही जो प्लान टूटने के बाद भी लड़ेगा।
अगली बार–🫰
जब कुछ प्लान के हिसाब से न हो,
बस हल्की-सी 🙂 के साथ कहो—
“ठीक है…Round 2 शुरू।” 🌷
– Yu Hi
मुझे अकेलापन पसंद है—

वहीं मैं सच में खुद से मिलता हूँ। 😊
कोई दर्शक नहीं, उम्मीद नहीं,
कोई performance का दबाव नहीं
बस मैं और मेरी साँसें
मेरे Raw Thoughts 💭
यही My safest place है। ❤️
फिर भी मैं मिलनसार हूँ– 🤝
मैं लोगों की ऊर्जा पढ़ता हूँ—
गर्मजोशी मिले तो खुल जाता हूँ, 😊
शांति मिले तो ठहर जाता हूँ, 🕉️
ज़िंदादिली मिले तो बहता हूँ। 🎉
मैं mirror बन जाता हूँ— 👀
दिखावे से नहीं, सच में। 💯
कभी Outspoken हो जाता हूँ—
•जब space मिलता है,
•जब बात सुनी जाती है,
•जब चुप रहना गलत लगता है। 😤
कभी Calm हो जाता हूँ— 😌
जब शोर ज़्यादा हो,
और सुनने वाला कोई न हो।
हाँ, मैं थोड़ा बदलता हूँ… 🤔
पर रंग बदलने के लिए नहीं,
उस पल को सच में जीने के लिए।
शायद इसी वजह से
कभी-कभी थक भी जाता हूँ… 😓
अपनी ही rhythm खो देता हूँ।
पर एक बात साफ़ है—
मैं खुद को सबसे अच्छे से
अकेले में ही समझ पाता हूँ। 🤝
कभी-कभी लगता है— 🤔
मैं इंसान नहीं
चलता-फिरता आईना ज़्यादा हूँ…
जो सबको
उनका सच दिखाता है—
और अपना सच
सिर्फ़ अकेले में देख पाता है। 🔍
– Yu Hi
आजकल खुशी का मतलब—

नया फोन, नई गाड़ी, बड़ा घर।
जितना ज़्यादा, उतना बेहतर…
जितना महंगा, उतना खुश।🙂
फिर भी—😞
सब Sad/Stressed/Scared
और अंदर से खाली क्यों हैं??
मैंने थोड़ा अलग रास्ता चुना है।🏃
चीज़ें जोड़ने से ज़्यादा–➕
मैंने खुद को संभालना सीखा है।
जहाँ दुनिया “और” ढूँढ रही है–
मैंने “काफी है” में खुशी ढूँढता हूं।
मेरे लिए—🫰
कम होना कमी नहीं, हल्का होना है।
मैं Enough की जगह पर खड़ा हूँ।
और हाँ—🤔
ये Escape नहीं है।
मैं अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहा हूँ,
और निभाई भी हैं।
बस इतना बदला है—🌀
अब मैं उन के नीचे दबा नहीं,
conscious होकर जी रहा हूँ।
मैं उस race से बाहर हूँ—
जहाँ सब भाग रहे हैं…👈
पर मंज़िल किसी को नहीं मिलती।
ये सादगी मजबूरी नहीं, चुनाव है।
मैं यहीं हूँ—🎊🔥
थोड़ा शांत, थोड़ा हल्का…
और सच में खुश हूँ।
Yu Hi
जब आपके पास कुछ नहीं होता—

न पैसा, न सपोर्ट, न बैकग्राउंड…
और फिर भी आगे बढ़ते हो—
बस यहीं से समस्या शुरू होती है।
आप उनकी कहानी को झुठलाते हो।
जो failure का बहाना ढूंढते हैं।
मेरे पास chance नहीं था…
मेरे पास Resource नहीं थे…
आप prove करते हो—👍
Excuse जरूरी नहीं होते।
ये खुद को Privileged मानते हैं।
आप उन्हें challenge करते हो।
सोचते है ये आगे कैसे निकला?
Insecurity बाहर आती है।
Ego को चोट लगती है।😏
ये आपसे नफरत करते हैं।
ये Hate आपके हौसले से है।✔️
उस संघर्ष से जो उन्होंने नहीं किया।
आपकी Success को किस्मत कहेंगे।
अंत में एक बात:🫰
तुम्हारे पास कुछ नहीं था
और फिर भी कुछ कर दिखाया—
तभी तुम उन सबसे अलग हो गए।
तो चलते रहो—शांत, लगातार।
जो समझेंगे, वो साथ आएंगे।
तुम आगे बढ़ो–🏃
बाकी लोग जलते रहेंगे।🔥
ये उनका प्रॉब्लम है, तुम्हारा नहीं। 🦋
– Yu Hi
हर इंसान एक किताब है।📖

हम सिर्फ कवर देखकर जज कर लेते हैं—
बिना पढ़े, बिना समझे।❌
कुछ का cover आलीशान होता है, कुछ सादे/ चमकते/ पुराने/ फटे हुए।
लेकिन असली कहानी तो अंदर है—
उस सफ़र में, जिसने उसे बनाया है।
हम मिलते ही Decision सुनाते हैं—
अकड़ू है। भाग्यशाली है।👈😓
नाकाम है। दिखावाटी है।🙁😱
लेकिन उसकी journey नहीं देखी
जहां वो टूटा ,उसने खुद को जोड़ा।
और फिर भी रोज आगे बढ़ता रहा।
किसी की मुस्कान 🙂 के पीछे–
कई रातों की anxiety छुपी होती है।
हम “अभी” देखते हैं, “कल” नहीं।
आँसू जो किसी को पता ही नहीं।
मेहनत जो किसी ने देखी ही नहीं।
ये सब समझना सही में difficult है।
अगली दफा थोड़ा ध्यान दे, ठहरे।
हर इंसान की अपनी एक कहानी है।
और वो सुनने लायक होती है—🫢
बस हमें सुनने का दिल चाहिए। ❤️
– Yu Hi
पहले मुझे लगता था—🔥

ज़िंदगी जीतने के लिए race ज़रूरी है।
ज़्यादा काम, ज़्यादा कमाई, ज़्यादा नाम।
अब लगता है—☝️
असली जीत तब होगी
जब मैं रुककर साँस ले सकूँ,,💨
और मन कहे—
“बस यार… अब जीने का वक़्त है।”
ये आलस नहीं selection है।
अब मैं चीज़ों को चुनता हूँ सहता नहीं।
जो मुझे ज़िंदा महसूस कराए—
वो ही रख रहा हूँ। 🎐
बाक़ी सब—धीरे-धीरे छोड़ रहा हूँ…
No Guilt, No Regret
समय कम है, ये तो सच है–⏳
इसी सच ने मुझे free किया है।
अब समझ आया—😍
खाली दिन भी एक उपलब्धि है।
अपने लोगों का साथ productivity है।
और कभी-कभी—🦋
अपना साथ ही सबसे बड़ा goal है।
Life वो नहीं जो सिर्फ काम करके गुज़ारी।
बल्कि वो है जो मैने जीकर छोड़ी।
अब Target साफ़ है—🎯
कम काम, ज़्यादा मुस्कान।
कम hustle, ज़्यादा presence।
कम achievements, ज़्यादा यादें।
और ये सफ़र…🏃
अब जल्दबाज़ी में नहीं—❌
पूरी तरह जीकर पूरा करना है।

– Yu Hi

दुनिया जटिल होती जा रही है—

मैं जानबूझकर सरल बनता जा रहा हूँ।
लोग मुझे अलग समझते हैं…🤔
पर सच में, मैं बस दिखावा नहीं करता।
मैं वही कहता हूँ–😐
जो सच में Feel करता हूँ—
बिना चेहरे पर दूसरा रंग चढ़ाए।
कोई पूछे “कैसा है?”👐
तो सच बताता हूँ…जितना हूँ, उतना ही।
Life को भी🌀
मैं उसी तरह लेता हूँ—
बिना Philosophy या Show off
मुझे खुशी मिल जाती है—
बारिश की भीगी महक में,🌧️
सुबह की पहली रोशनी में…🌞
कुछ देर–🦋
बिना phone के बैठने में,
अपनी साँसों को महसूस करने में।
दुनिया आज खुद को🔥
Complex बनाती जा रही है—
लेयर्स पर लेयर्स, इमेज पर इमेज…
मैं ऐसा हूँ, मैं वैसा हूँ– शोर बहुत है।
मुझसे ये सब नहीं होता…
मैं बस वही हूँ— जो हूँ।
सरल होना मतलब—
कम में रहना नहीं, कम में खुश रहना है।
शायद इसलिए–🤔
कुछ लोगों को मैं “अलग” लगता हूँ…
क्योंकि आजकल—
सरल होना ही सबसे बड़ा revolt है।
मैं अलग नहीं हूँ बस उतना सरल हूँ,
जितना लोग होना भूल गए हैं। 🌿
– Yu Hi
कोई कुछ कहता था,

पहले भीतर कुछ हिलता था।
_ अब वही बात कानों से गुज़रती है,
भीतर तक नहीं पहुँचती।
_ एक वक़्त था जब हर बात का
जवाब देना ज़रूरी लगता था।
_ अपनी सफ़ाई देना —
मानो हर चुप्पी एक हार हो।
_ अब कोई ताना मारता है,
मैं सुनता हूँ,
मुस्कुराता हूँ,
आगे बढ़ जाता हूँ।
_ न गुस्सा आता है,
न सफ़ाई देने का मन करता है।
_ आज लगता है—
यही तो वो जगह है
जहाँ पहुँचने में
सालों लगे।–Yu Hi~
कुछ दिन पहले

एक पुराना दोस्त मिला।
बोला—
“सुना है,
तू अब ज़्यादा बोलता नहीं।
सब कहते हैं,
घमंड हो गया।”
मैं मुस्कुरा दिया।
उसे क्या बताता—
चुप रहने की वजह
घमंड नहीं,
थकान थी।
बरसों
हर बात की सफ़ाई दी।
अब समझ आया—
लोग
उतना ही समझते हैं,
जितना समझना चाहते हैं।
–Yu Hi~

सुविचार 297

पानी में परोपकार की भावना इतनी अधिक होती है कि.. वह बहाव में रुकावट बनने वाले पत्थरों के भी कोने घिस कर, उन्हें सुंदर बना देता है.

_ महान इंसान वही होता है.. जो परोपकार करता है,
_ बाधा बन कर आने वालों को भी.. अपनी संगति के प्रभाव से अपने जैसा महान बना लेता है..!!
संगति का प्रभाव व्यक्ति पर बहुत पड़ता है,

_ अच्छी संगति व्यक्ति को आगे बढ़ाती है बुरे लोगो की संगति व्यक्ति को पीछे कर देती है,
_ वहाँ मात्र पछतावा के कुछ नही मिलता,
_ इसलिए महान लोग कह गए हैं ऐसे लोगो की संगति नही करनी चाहिए.!!
विवेकरहित लोगों को सज्जनों की वाणी अर्थहीन लगती है. – छेमेंद्र
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