सुविचार 321

जिन्दगी में नित्य नयापन खोजें. नवीन विचार, नवीन जीवन शैली अपनाएं. भय को जीतना सीखें, भय की आंख में आंख डालकर उसी तरफ बढ़ें, जोखिम लेना सीखें, आप का जीवन आनन्द से भर जाएगा.

 

सुविचार – जितनी चादर हो, उतने पैर पसाराे – 320

एक कहावत है, जितनी चादर हो, उतने पैर पसाराे.

_ मेहनती लोगों ने अपनी चादर को बड़ा किया, ताकि वे खुल कर पैर पसार सकें.
_ इसी तरह महत्वाकांक्षी लोगों के लिए कहा जा सकता है कि महत्वाकांक्षा ज़रूर पालो, परन्तु अपनी सामर्थ्य देख कर.
_ समर्थ व्यक्ति की ही महत्वाकांक्षा पूरी होती है. _ अपनी सामर्थ्य पर ध्यान नहीं दिया तो जगत में उपहास का पात्र बनोगे.!!
– Manika Mohini
“चादर छोटी हो तो पैर समेटना बुद्धिमानी है ;

और अगर पैर फैलाने हों, तो पहले चादर बड़ी करना सीखो”
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