सुविचार 281

समय और परिश्रम मनुष्य के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं. परिश्रम से भूख तेज होती है और संयम अतिभोग को रोकता है.

सुविचार – अनजान- अनजाने लोग – Unknown people – 280

और यही तो सोचने वाली बात है, कि कैसे कुछ लोग यूँ ही टकरा जाते हैं और ख़ास हो जाते हैं.!!
सार्थक संबंध बनाएं : ऐसे लोग जो आपकी आत्मा को सांस लेने में मदद करें, न कि केवल आपके अहंकार को हंसाएं और बकवास करें.!!
कभी-कभी जीवन में ऐसा भी होता है कि कोई इंसान वर्षों तक हमारी दुनिया से अनजान और गुम सा रहता है, और फिर एक दिन अचानक हमारे सामने आ खड़ा होता है,

_ हैरानी की बात यह होती है कि हम उसे पहले से नहीं जानते, फिर भी उसके आने से एक अजीब-सी परिचित अनुभूति महसूस होने लगती है…!
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम न जानते हैं, न कभी उनसे मिले होते हैं, न बात हुई होती है, न उन्हें देखा होता है- फिर भी जाने कैसे उनके लिखे हुए कुछ शब्द मन तक पहुँच जाते हैं और बिना किसी परिचय के भी एक अजीब सी तसल्ली दे जाते हैं.!!

सुविचार 279

द्वेष रखने वाला, मर्म स्थान पर प्रहार करने वाला, कठोर वाणी बोलने वाला, विरोध रखने वाला तथा धूर्त, बुरे कर्म करता हुआ शीघ्र ही बड़ी विपत्तियों में घिर जाता है.

सुविचार – अदृश्य शक्ति – 277

इस बात पर आश्चर्य होता है कि कई बार कोई काम मैं सोचूं..

_ और वह काम मेरे करने से पहले ही अपने आप हो जाता है.!!

इंसान के जीवन में ना जाने कौन सी अदृश्य शक्ति काम करती है,

_ जिसके कारण जो बात हम कभी सोचते तक नहीं.. वही हो जाता है.
_ और जो सोचते है वह उम्र बीत जाती है और पूरी नहीं होती,
_ ऐसा जान पड़ता है कि व्यक्ति का सारा जीवन किसी ने पहले से लिख कर रखा है और सब कुछ उसी पर चल रहा.!!

सुविचार 276

दूध कितना भी शुद्ध हो, नींबू की एक बूंद ही उसे खराब करने के लिए काफी है. ऐसे ही निराशा का विचार नींबू का काम करता है, निराशा से आप अपनी शक्ति खो बैठते हैं. आपका विचार रूपी लावण्य, माधुर्य को छीन सकता है. विचार जीने के ढंग को बदल सकते हैं. संसार सब जगह है, स्थान बदलने से बात नहीं बनेगी, अंदर बदलाव आना चाहिए. अपने- आपको नहीं बदला तो घर, स्थान आदि बदलने से कुछ होने वाला नहीं. अपने को बदलने के लिए दिशा बदलनी होगी, दिशा को बदलने से दशा बदलेगी.
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