सुविचार 4867
जिंदगी के अंतिम पलों में …..अपने पूरे जीवन का …
एक एक कर्म, एक फिल्म…. की तरह अपनी निगाहों ….के सामने झलकेगा …..
कोशिश करें कि ….अपनी फिल्म सबके देखने लायक हो …
एक एक कर्म, एक फिल्म…. की तरह अपनी निगाहों ….के सामने झलकेगा …..
कोशिश करें कि ….अपनी फिल्म सबके देखने लायक हो …
मगर आत्मविश्वासी व सकारात्मक लोग ही डूबती नाव को बचा पाते हैं.
_ पर उसको ठीक से पूरा करना धैर्य और परिश्रम का.!!
जितना कम prove करोगे…उतना ज्यादा समझ जाओगे.!!