सुविचार 4873
जब आपकी उपयोगिता बढ़ेगी तो आपकी अहमियत भी बढ़ जाएगी..
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.
तो यह उससे कहीं अच्छा है की कोई दूसरा उसे सुधारे !!
यदि यह जीवन है, तो इस पल की सार्थकता जीवन की सार्थकता है.