सुविचार 4750

“खो देने के बाद पता चलता है, कितने कीमती थे: समय , सेहत और संबंध “
हम साधारण मनुष्य हैं, किसी भी चीज़ की अहमियत हम अक्सर उसके खो जाने पर ही समझते हैं.

_ जब तक चीज़ें हमारे सम्मुख होती हैं, हम उन्हें तुच्छ समझते रहते हैं..
_ ठीक इसी भाँति हमने अनेक कीमती वस्तुओं को भी खो दिया है.!!

सुविचार 4748

“जिस चीज़ के लिए आदमी आज, जोर से, मचलता है, उसे पाकर एक दिन उसी से ऊब जाता है,

यही आदमी की फ़ितरत है, बस खिलौने बदल जाते हैं “

सुविचार 4746

किसी भी व्यक्ति की सहनशीलता, एक खींचे हुए रबड़ की तरह होती है,

_ एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..

जब सहनशीलता की सीमाएँ टूटती हैं, तो उसका परिणाम हमेशा त्रासदी ही होता है.!

सुविचार 4745

सत्य को जानने के लिए लोग किताबे पढ़ते हैं, और जी नहीं पाते।

लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।

सत्य को जानो मत, जियो।

error: Content is protected