सुविचार 4880
जैसे ही आपका मन पूरी तरह से स्थिर हो जाता है,
आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं से परे चली जाती है.
आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं से परे चली जाती है.
सौंदर्य उस देह को छोड़ देता है “
‘ हरेक को अपना दृष्टिकोण रखने का हक है ‘,
यह मानकर चलनेवाले लोग कभी अकेले नहीं चलते.
व्यक्ति महज़ अपना दृष्टिकोण बदल कर अपना भविष्य बदल सकता है.
और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.