सुविचार 4917
” ज़िंदगी में दिक्कतें, दर असल, तब आती हैं, _ जब हम उसूल भूल जाते हैं,”
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.
लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
उसकी गलतियाँ पकड़ते हैं.