सुविचार 4854
कड़ी से कड़ी जोड़ते जाओ तो जंजीर बन जाती है,
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.
_ हर फैसले से पहले खुद से पूछिए कि जो मैं कर रहा हूं, क्या वो सही है.
_ अगर जवाब हां में आए तो फिर किसी से डरने की जरूरत नहीं है, और अगर जवाब ना में आए तो फिर दुनिया की कोई ताकत आपको सही साबित नहीं कर सकती.!!