मस्त विचार 3963
तेरे बदलने का दुःख नहीं है मुझको…
_ मैं तो अपने यकीन पर शर्मिंदा हूं !!
_ मैं तो अपने यकीन पर शर्मिंदा हूं !!
सुकून की ” दूरियां ” ही अच्छी हैं …!
_ #समय पर #साथ देने वालों से होनी चाहिए..!!
_बोल पाना आज भी मेरे वश की बात नहीं…
_कभी हम यूँ भी खुद को___ अच्छे लगते थे.
_ ये जीवन शून्य से ऊपर कभी नज़र न आया..