मस्त विचार 3843
मुझसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर, _अब शाम हो रही है मेरा हाथ थाम लो.
_लोगों को खबर हो जाएगी तो नमक लगा देंगे.!!
इशारे में जहाँ लाखों मुक़द्दर बदले जाते हैं..
_ कुछ जबरदस्त, तो कुछ जबरदस्ती रो रहें होंगे..
_ फ़िर भी मैं रोज़ तेरी राह क्यूँ तकता हूँ.
_मैंने कितने आँसू बहाएं हैं तुम्हारे लिए…