मस्त विचार 3368
मत पूछिए क्या हम पे सफ़र में गुज़री ?_
_ था लुटेरों का जहाँ गाँव वहीं रात हुई..
_ था लुटेरों का जहाँ गाँव वहीं रात हुई..
_ सच तो ये है कि ” नकाब ” उतर जाते हैं !
_ यकीं मानिए यहां कांटा हर गुलाब में है..!!
_ परिंदा पिंजरे में पिंजरा हवा में रक्खा गया..!
_ यह प्यार नहीं, आराम और आदत का मामला है..!!
_ क्योंकि बता देने से फ़ैसले होते हैं, ना बताने से फ़ासले….
_ न मानो तो कौन किसी का क्या लगता है…
_ तुमको आसान बात लगती है ..!!