मस्त विचार 3401
जो गिर कर संभल जाता है, _ वो अक्सर जिन्दगी को समझ जाता है.
_ जिंदगी के तजुर्बे नीम से भी कड़वे होते हैं..
_अच्छे और बुरे का कोई पैमाना नहीं होता..
_ फूलों का क़त्ल कर बैठे, पत्थरों को मनाने में !!
_ आखिर में हुकुम का इक्का……. कुदरत ही फेंकती है….