मस्त विचार 2976
खुद की महफ़िल में अकेले बैठे हो जनाब,
लगता है कहीं गहराई में दिल लगा बैठे हो…
लगता है कहीं गहराई में दिल लगा बैठे हो…
काम अपने पाँव ही आते हैं सफ़र में।”
इन्हे भी सुकून की तलाश है…
यह पल भी जाने ही वाला है.
महफ़िलों में जब तेरी बात उठती है.
दु:ख् बहोत हैं फिर भी सब हंसते रहते हैँ.