मस्त विचार 2487
तुम आये थे अपने को बदलने को
और यहां तुम फिक्र में पड़ जाते हो किसी दूसरे को बदलने की !
और यहां तुम फिक्र में पड़ जाते हो किसी दूसरे को बदलने की !
_ हिस्से में किसी के, ऐसा सफर न आए !!
“ठोकर”…इसलिए लगती है कि इंसान संभल जाये..
_जब दूर गए तब पता लगा कि ..सचमुच में वो हमसे कितने करीब थे..!!
जो बुरी स्थिति में फिसले नहीं एवं अच्छी स्थिति में उछले नहीं !!!