मस्त विचार 2510
जिधर देखो…… क़यामत ही क़यामत,
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.
जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ.
पर गम देने वाले भी अजनबी नहीं होते…
जीवन है विपरीत आयामों में खुद को ढाल लेना.
*वो उन लोगों की भी इज्जत करता है*,
*जिनसे उसे किसी किस्म* *के* *फायदे की उम्मीद* *नही* *होती..
नसीब बिगड़ा तो… गूंगे बुराई करने लगे
हमारे क़द के बराबर न आ सके जो लोग हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे ….!!!