मस्त विचार 2369
ग़लतफहमी दूर न की जाए तो वो नफरत में बदल जाती है.
लिखा तो है सफ़र मगर मंज़िल का निशान नहीं.
कल जो रंग थे, आज दाग हो गये.
लेकिन उसे पानी पीने के लिए मजबूर करना संभव नहीं है..
_ अपनी सफ़लता पर ध्यान देकर उनसे भी बेहतर बन जाना ..
गैर तो सिर्फ हवा देते हैं.