मस्त विचार 2282

चलो ऐसा करते हैं,

तुम मोम बन जाओ, मैं धागा बन जाऊं.

तुम मुझ में पिघल जाओ, मैं तुम में जल जाऊं.

मस्त विचार 2281

जानता हूँ सुलझ जाती है एक दिन उलझी जुल्फे,

लेकिन गुजर जाती है जिंदगी वक़्त को सुलझाने में…..

मस्त विचार 2278

“एक सांस सबके हिस्से से, रोज पल पल घट जाती है…

कोई जी लेता है ज़िंदगी, किसी की कट जाती है जिन्दगी”….

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