मस्त विचार 2283
इतना तो याद है मुझे, के उनसे मुलाक़ात हुई.
बाद में जाने क्या हुआ, न जाने क्या बात हुई.
बाद में जाने क्या हुआ, न जाने क्या बात हुई.
तुम मोम बन जाओ, मैं धागा बन जाऊं.
तुम मुझ में पिघल जाओ, मैं तुम में जल जाऊं.
लेकिन गुजर जाती है जिंदगी वक़्त को सुलझाने में…..
अब जो सोचता हूँ, हंसी आती हैं.
तेरी मीठी याद में नाचे मन मेरा मतवाला.
कोई जी लेता है ज़िंदगी, किसी की कट जाती है जिन्दगी”….