मस्त विचार 2271
मैं हूँ शक और तुम यकीन,
जो मैं नहीं, तो तुम नहीं.
जो मैं नहीं, तो तुम नहीं.
क़द में छोटे हों………… मगर लोग बड़े रहते हैं …..
मैंने फल देख के…….. इन्सानों को पहचाना है…..
जो बहुत मीठे हों ……….अंदर से ……सड़े रहते हैं…
एक उड़ जाए तो दूसरा भी उड़ ही जाता है..!!!!
हम जिसे चाहते हैं खुदा है वो..
_ इसके बजाय, पत्थरों को उठाएं और सफलता की सीढ़ी बनाएं..
जिस जगह तू नहीं उस जगह है अंधेरा.