मस्त विचार 2185
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है…
यही सोचकर की काश कोई अपना होता तो रोने ना देता.
“आपको गिरने का डर नही लगता ?
परिन्दे ने क्या गजब का जवाब दिया,
”मै इन्सान नही
जो ज़रा सी ऊँचाई पा कर अकड़ जाऊ..
प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
हमारे भरोसे के तो सारे पत्ते जोकर निकले.