| Aug 20, 2018 | मस्त विचार
अपने रब के फैसलो पर भला शक कैसे करू ..
इम्तहान ले रहा है वो कुछ तो कुसूर रहा होगा ..,,
| Aug 19, 2018 | मस्त विचार
युहीं पूछ लेता हूँ खुद से, मैं मुसाफिर हूँ या गुमशुदा,
अपने ही घर से निकलता हूँ, अपने ही घर की तलाश में………
| Aug 18, 2018 | मस्त विचार
मेरे पास कहने के लिये बहोत कुछ है, पर सुननेवाला कोई नही है..
_ और इन दोनों में से किसी एक को न चुन पाने की कशमकश में रह जाता हूँ..!!
| Aug 17, 2018 | मस्त विचार
न पाने से किसी को है न कुछ खोने से मतलब है !
ये दुनिया है, इसे तो कुछ न कुछ होने से मतलब है.
| Aug 16, 2018 | मस्त विचार
“बचपन में” जब धागों के बीच माचिस की डिब्बी को फँसाकर फोन-फोन खेलते थे,
तो मालूम नहीं था एक दिन इस फोन में ज़िंदगी सिमटती चली जायेगी।।।
| Aug 15, 2018 | मस्त विचार
तर्क से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता.
मूर्ख लोग तर्क करते हैं, जबकि बुद्धिमान विचार करते हैं.