मस्त विचार 1976
किसी भी रोज़ मुझे दिल सज़ा सुना देगा,,,
में ख्वाहिशों का बहोत कत्ल-ए- आम करता हूँ..!!
में ख्वाहिशों का बहोत कत्ल-ए- आम करता हूँ..!!
हम तो तेरे यार हैं,
न हार की फिकर करते हैं और न जीत का जिक्र करते हैं.
मंजिल भी मिलेगी और जीने का मजा भी आएगा.
जिनके पास खोने को कुछ नहीं बचता.
जिस भीड़ में तुम खड़े हो…उसमें कौन तुम्हारा है.
पर कई लोग निगाहों से उतर जायेंगे !!!