मस्त विचार 2078
ज़ेहन में तेरी यादों के सिवा कुछ भी नही।
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नही।।
तु जहाँ भी रहे सदा मुसकुराते रहो।
मेरे लब पर दुआओ के सिवा कुछ भी नही।।
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नही।।
तु जहाँ भी रहे सदा मुसकुराते रहो।
मेरे लब पर दुआओ के सिवा कुछ भी नही।।
मगर देखने वाले अदाकार समझतें हैं मुझको.
छोड़ू मैं किसे…दोनों ही तुम्हारे हैं.
सुख में तेरा शुक्र करू, दुःख में फ़रियाद करूँ.
जिस हाल में तू रखे मुझे,…मैं तुम्हे याद करू.
अजी हम भी हैं इंसा, तुमसे जुदा तो नहीं.
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया.