मस्त विचार 2116
मैं बड़ो कि इज़्जत इसलिए करता हुं,
!! क्यूंकि !! उनकी अच्छाइयाँ मुझसे ज़्यादा हैं…
!! और !! छोटो से प्यार इसलिए करता हुं,
!! क्यूंकि !! उनके गुनाह मुझसे कम हैं.
!! क्यूंकि !! उनकी अच्छाइयाँ मुझसे ज़्यादा हैं…
!! और !! छोटो से प्यार इसलिए करता हुं,
!! क्यूंकि !! उनके गुनाह मुझसे कम हैं.
_ जिसे तैरना सिखाओ _ वही डुबोने को तैयार खड़ा है.
_ और अपने तो अहसान के बदले गुलामी चाहते हैं..!!
हमारे बीच कोई फासला दिखाई तो दे.
_ दूसरों के पास तो हमारी समस्या का सुझाव है ..
दिल से उतरे हुऐ लोगों से, शिकायत कैसी ……
“जो था वो मैं रहा नहीं और जो हूँ वो किसीको पता नहीं”