मस्त विचार 2109

पतझड़ भी हिस्सा है जिंदगी के मौसम का !

फ़र्क सिर्फ इतना है…कुदरत में पत्ते सूखते हैं…

हक़ीक़त में रिश्ते !!….

मस्त विचार 2105

लहजे में “बदजुबानी” चेहरे पे “नकाब” लिए फिरते हैं,

जिनके “खुद” के बही खाते बिगड़े हैं, वो मेरा हिसाब लिए फिरते हैं.

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