मस्त विचार 1899
कुछ नही मिलता दुनिया में मेहनत के बगैर,
मेरा अपना साया मुझे धुप में आने के बाद मिला.
मेरा अपना साया मुझे धुप में आने के बाद मिला.
वरना हकीकतें तो अक्सर रुला देती है.
और अनुभव हमारे जीवन की सीख है.
मुस्कुराहट का क्या है, गैरों से भी वफा कर लेती है.
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम,
किसी ने विश्वास तोड़ा तो किसी ने दिल,
और लोगों को लगा की बदल गए हम.
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए.