मस्त विचार 1845
कुछ लोग आपको अच्छा कहेंगे और कुछ लोग बुरा,
देखना ये है आप पूछ किससे रहे हैं.
देखना ये है आप पूछ किससे रहे हैं.
खुशी हो या ग़म, बाँट लेंगे आधा आधा हम.
इस पर पैर रखते हो तो ही चुभते हैं.
आख़री वक़्त कह न पाए ये कफ़न ठीक नहीं.
_ जिन्दगी जैसी भी है ,,, आखिर है तो मेरी ..
“अनचाहा” सुनने की ताकत होनी चाहिए.