मस्त विचार 1979
किसी की चाहत को इतना भी जलील मत करो….
दोस्त…
मग़रुर रहने का अंदाज हमेशा तन्हा कर देता है !!
मग़रुर रहने का अंदाज हमेशा तन्हा कर देता है !!
मैं अपने आप में रहता नहीं हूँ.
मैंने वक़्त की जेब से सावन चुरा लिया…
में ख्वाहिशों का बहोत कत्ल-ए- आम करता हूँ..!!
हम तो तेरे यार हैं,
न हार की फिकर करते हैं और न जीत का जिक्र करते हैं.
मंजिल भी मिलेगी और जीने का मजा भी आएगा.