मस्त विचार 1768
किसी एक जगह बहुत ही खूबसूरत शब्द लिखे थे,
दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.
दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.
कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे.
काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढ़ते हैं.
वो ही खोजेगा उसे, जो आदमी रह पाएगा..
_ जब वे आप से बड़े हो जाएंगे तो _ उनके तेवर भी बदल जाएंगे ..!!