मस्त विचार 1908

“स्कूलो” में लिखा होता है, “असूल” तोडना मना है !

बागों में लिखा होता है, “फूल” तोडना मना है !

“खेलों” में लिखा होता है, “रूल” तोडना मना है !

….काश …

रिश्ते, परिवार, दोस्ती में भी यह लिखा होता कि

“साथ” छोङना मना है”

मस्त विचार 1907

ऐ-जिंदगी तू खेलती बहुत है खुशियों से,

हम भी इरादे के पक्के हैं मुस्कुराना नहीं छोडेंगे !!

मस्त विचार 1906

ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी ही ..

वरना मरने के बाद तो जलने का भी एहसास नहीं होता…

मस्त विचार 1905

थोड़ा धीरज रख, थोड़ा और जोर लगाता रह !!

किस्मत के जंग लगे दरवाजे को, खुलने में वक्त लगता है !!

कुछ देर रुकने के बाद, फिर से चल पड़ना दोस्त !!

हर ठोकर के बाद, संभलने में वक्त लगता है !!

बिखरेगी फिर वही चमक, तेरे वजूद से तू महसूस करना !!

टूटे हुए मन को, संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!

जो तूने कहा, कर दिखायेगा रख यकीन !!

गरजे जब बादल, तो बरसने में वक्त लगता है !!

मस्त विचार 1904

जो दूसरों के चहेरों पे मुस्कराहट देखना चाहता है,

ऊपरवाला उनकी मुस्कराहट कभी नहीं छीनता !!

दुनिया भर की तमाम चुनौतियों पर गर भारी पड़ती है तो..

..वो है आपके चेहरे पर खिली बेफ़िक्री भरी मुस्कराहट..!!

वे लोग क्या कभी ख़ुद भी मुस्कुरा भी पाते होंगे..

_ जिन्होंने न जाने कितने ही लोगों की मुस्कराहट छीनी है..!!

मस्त विचार 1903

ज़िंदगी की हर चाह, यहाँ किसकी पूरी हुई है.

अनमोल है हर सांस, जो हमें रब ने दी हुई है.

पाकर खोने का अब, ग़म मत कर ए मेरे दोस्त,

किस्मत बुरी या भली, ये कर्मो ने लिखी हुयी है.

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