मस्त विचार 1882
सब धन चाहते हैं, क्योंकि धन सुख लाता है,
लेकिन जिनके पास धन नही वो धनी को बुरा बोलते हैं.
इसलिए धन को सही या गलत पर निर्णय देना गलत है …. असली रोग “”जलन”” है.
लेकिन जिनके पास धन नही वो धनी को बुरा बोलते हैं.
इसलिए धन को सही या गलत पर निर्णय देना गलत है …. असली रोग “”जलन”” है.
यही मन की आंखे खोलता है और रास्ता दिखाता है.
वो अल्फ़ाज, जिसे सुकून कहते हैं.
जो कभी ना खत्म होगी, वो ही दिल की बात हूँ मैं !!
मेरी नजर से देखो हर दिल में खुदा है.
वक़्त की बरसात है कि….थमने का नाम नहीं ले रही…