मस्त विचार 1902
सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,
चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिए..
चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिए..
जो सारी कायनात का मालिक है.
ये तो वो जाने या मैं जानू,
जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.
जो दूसरों से उम्मीद नहीं रखते हैं,
उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं होती है.
मेरा अपना साया मुझे धुप में आने के बाद मिला.
वरना हकीकतें तो अक्सर रुला देती है.
और अनुभव हमारे जीवन की सीख है.