मस्त विचार 1902

सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,

चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिए..

मस्त विचार 1901

कौन कहता है की हम उसे जानते नही,

जो सारी कायनात का मालिक है.

ये तो वो जाने या मैं जानू,

जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.

मस्त विचार 1900

“छोटी सी लाइन लेकिन बड़ी बात”

जो दूसरों से उम्मीद नहीं रखते हैं,

उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं होती है.

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