मस्त विचार 1637
जरूरी नहीं कि मिठाई खिलाकर दूसरों का मुंह मीठा करें,
आप मीठा बोलकर भी लोगों को खुशियाँ दे सकते हैं…….!!!!!
आप मीठा बोलकर भी लोगों को खुशियाँ दे सकते हैं…….!!!!!
अब दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही लिखेंगे.
आप अकेले आनन्दित हो सकते है; परन्तु उत्सव नहीं मना सकते.
अकेले आप मुस्करा तो सकते है; परन्तु हर्षोल्लास नहीं मना सकते.
हम सब एक दूसरे के बिना कुछ नहीं हैं; यही रिश्तों की खूबसूरती है.
शर्त है कि पहले जी भर के अँधेरा तो देख.
काश कोई तो मेरी नजर से भी देखता मुझको.
“कौन” हाथ छुड़ा कर भागता है..और “कौन” हाथ पकड़ कर…