मस्त विचार 1685
जिंदगी तुम बहुत खूबसूरत हो,
इसलिए मैंने तुम्हें सोचना बंद, और जीना शुरू कर दिया है.
इसलिए मैंने तुम्हें सोचना बंद, और जीना शुरू कर दिया है.
जिसे अपनी ऊंचाई पर यकीन नहीं होता है.
छोटी सी है जिन्दगी हँस के गुजार दो.
वे बाहर की दौड़ छोड़ देते हैं.
जो नही कर सकते अपना दर्द-ए-दिल बयां,
मैं उन सब के लिए लिखता हूँ.
_ खुला हो दरवाज़ा, फिर भी खटखटाना पड़े ..