मस्त विचार 1883
नई नस्लें सुनेंगी तो यक़ीं उनको ना आएगा…
कि हम कैसी ज़मीने और ज़माना छोड़ आए हैं…!!
कि हम कैसी ज़मीने और ज़माना छोड़ आए हैं…!!
लेकिन जिनके पास धन नही वो धनी को बुरा बोलते हैं.
इसलिए धन को सही या गलत पर निर्णय देना गलत है …. असली रोग “”जलन”” है.
यही मन की आंखे खोलता है और रास्ता दिखाता है.
वो अल्फ़ाज, जिसे सुकून कहते हैं.
जो कभी ना खत्म होगी, वो ही दिल की बात हूँ मैं !!
मेरी नजर से देखो हर दिल में खुदा है.