मस्त विचार 1824
अब तो अकेले में रहने का आदी हो चूका हूँ मैं.
बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.
बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.
कमजोरों से तो लोग सहानुभूति रखते हैं.
अगर ये सच है तो अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!
तकलीफ आती हैं पर टिकती नहीं…..
तेरा साया है सदा साथ हमारे….
तेरी नजर पड़ती है हम पर… मगर दिखती,, नही…….
कुछ के लिए दुआओं की भी जरुरत पड़ती है.
जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं.