मस्त विचार 1796

कश्तिया उन्ही की डूबती है ..जिनके ईमान डगमगाते हैं !!

जिनके दिल में नेकी होती है ..उनके आगे मंजिले भी सर झुकाती है !!

मस्त विचार 1794

कोशिश कर रहा हूँ की कोई मुझसे न रूठे !

जिन्दगी में अपनों का साथ न छूटे !

रिश्ते कोई भी हो उसे ऐसे निभाउ !

कि उस रिश्ते की डोर ज़िन्दगी भर न छूटे.

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