मस्त विचार 1812

कहीं होकर भी नही हूँ और कहीं ना होकर भी हूँ..

बड़ी कशमकश मे हूँ ऐ जिंदगी कहाँ हूं और कहाँ नही हूँ…!!!

मस्त विचार 1809

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ.

तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ.

तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,

तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ.

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