मस्त विचार 1619
याद रखें ख़ुशी दूसरों से बढ़ती तो जरूर है,
लेकिन दूसरों पर निर्भर नहीं करती.
लेकिन दूसरों पर निर्भर नहीं करती.
अब ये शिकायतें है कि किनारा नहीं मिला.
मैने सर झुकाया कम…….. तेरे एहसान बहुत हैं.
नादानीयाँ करते हैं हम, संवारता है वो…..
भूल जाते हैं हम उसे…….मगर याद हमे रखता है वो,….
वक्त नहीं कहके, टालते हैं हम…..मगर खुशीयां बरसाता है वो….
क्या कहूँ मेरे यार के बारे में….
सब कुछ देख कर भी सबको…….अपनी आशीष से नवाजता है वो…
मज़ा तो तब है, वक़्त बदल जाए पर इंसान न बदले.
क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”