मस्त विचार 1632

तूफान भी आना.. जरुरी है जिंदगी में.. तब जा कर पता चलता है …,

“कौन” हाथ छुड़ा कर भागता है..और “कौन” हाथ पकड़ कर…

मस्त विचार 1631

रोते रोते हम, इक दिन हसना सीख गए.

बार बार मरकर देखा तो, जीना सीख गए.

ठोकर खाते रहे, चलते रहे फिर भी हम.

इसी तरह इक दिन हम संभलना सीख गए.

ज़िन्दगी छोटी लगी, और सपने बड़े बड़े.

तन से हारे नहीं, मन से लड़ना सीख गए.

दुख सुख गम ख़ुशी, सबसे एकाकार हुए.

गम को छुपाना और दर्द में मुस्कुराना सीख गए.

मस्त विचार 1629

मुझे पतझड़ की कहानियाँ सुना के उदास न कर ऐ जिंदगी,

नए मौसम का पता बता, जो गुजर गया, वो गुजर गया.

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