मस्त विचार 1523

प्रार्थना करो केवल इसलिए नहीं की कुछ जरुरत है…

बल्कि इसलिए की हम शुक्रगुजार हैं, जो कुछ हमारे पास है.

“उन दिनों को याद करें”

_जब आपने उन चीज़ों के लिए प्रार्थना की थी.. _ जो अब आपके पास हैं.

Remember the days you prayed for the things you have now.

मस्त विचार 1522

तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,

तुम इस जड़ को शब्द दो,

और ये तुमसे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.

तुम इस मन को सुख दो, तुम इस मन को विश्वास दो,

तुम इस मन को राह दो,

ये तुम्हे प्यार न करता हो, ये कैसे हो.

तुम इस बुद्धि को समझ दो, तुम इस बुद्धि को ज्ञान दो,

तुम इस बुद्धि को कल्पनाएं दो,

ये तुम्हे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.

बस इसी प्यार के सहारे ये जड़ मन बुद्धि जीवित है.

आपके ही तो सहारे हम इस मुश्किल राह पर चलने के लिए प्रेरित हैं.

इसीलिए तो आ जाते हैं हम आपके बुलाने पर.

तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,

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