मस्त विचार 1518
जीवन को अपने अंदाज से खुबसूरती के साथ जीओ,
गुलाब कांटो भरी शाख पर ही खिलता है.
गुलाब कांटो भरी शाख पर ही खिलता है.
दुख की थोड़ी सी सलवट है, सुख के कुछ फूल सुहाने हैं. क्यों सोचे आगे क्या होगा, अब कल के कौन ठिकाने हैं, ऊपर बैठा वो बाजीगर, जाने क्या मन में ठाने है. चाहे जितना भी जतन करे, भरने का दामन तारों से, झोली में वो ही आएँगे, जो तेरे नाम के दाने है..!
इस जीवन की चादर में, सांसों के ताने बाने हैं,
यदि मानव जाति का एक हिस्सा भी विफल हो जाये तो हम सफल नहीं हो सकते.
जब चलता है तो दुनिया सलाम करती है.
पहले आती थी..अब लाते हैं.