मस्त विचार 1458

मैं लोगों से मुलाकातों का लम्हा याद रखता हूँ,

_ बातें भूल भी जाऊँ पर लहजा याद रखता हूँ..!!

लफ्ज़ भुलाए जा सकते हैं, लहजा घर कर जाता है..!!

मस्त विचार 1453

ज़मीर ज़िंदा रख यानी कबीर ज़िंदा रख,

सुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रख,

लालच डिगा न पाए तुझे आंखो का नीर ज़िंदा रख,

इन्सानियत सिखाती जो मन में वो पीर ज़िंदा रख,

हौसले के तरकश में कोशिश का तीर ज़िंदा रख !!

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